पाकिस्तान वीडियो की जांच करे: अमरीका

Image caption पाकिस्तानी फ़ौज पर पहले भी स्वात घाटी में क़ानून के दायरे से हटकर लोगों को मारने का आरोप लगा है.

अमरीका ने पाकिस्तान से एक ऐसे वीडियो की जांच करने को कहा है जिसमें लग रहा है कि पाकिस्तानी सैनिक आंखों पर कपड़ा बंधे कुछ लोगों को कतार में खड़ा करके गोली मार रहे हैं.

ये वीडियो कहां से आया इसके बारे में कोई नहीं जानता.

अस्पष्ट से इस वीडियो में दिखता है कि पाकिस्तानी फ़ौज की वर्दी पहने लोग कुछ आम नागरिकों को धकेलते हुए जंगल में ले जा रहे हैं.

इन छह लोगों को कतार में खड़ा करके उनके आंखों पर पट्टी बांध दी जाती है और फिर इनके हाथ भी बांध दिए जाते हैं.

फ़ौजी वर्दी पहने कम से कम सात लोग फिर एक कतार में खड़े होकर अपनी बंदूकें तानते हैं और गोली की आवाज़ आती है जिसके बाद बंधे हुए लोग एक के बाद एक ज़मीन पर गिर जाते हैं.

एक फ़ौजी फिर आगे बढ़ता है और ज़मीन पर गिरकर तड़प रहे एक आदमी को फिर से गोली मारता है.

मानवाधिकार गुटों ने कहा है कि पाकिस्तानी फ़ौज के क़ानून के दायरे से बाहर जाकर लोगों को मारने की ख़बरें उनके पास आई हैं लेकि इस वीडियो के बारे में वो कुछ नहीं कह सकते.

पाकिस्तानी फ़ौजी अधिकारियों ने इस वीडियो को नकली बताया है.

फ़ौज के प्रवक्ता अथर अब्बास ने बीबीसी को बताया, “कोई पाकिस्तानी सैनिक या अधिकारी इस तरह के काम में नहीं लिप्त रहा है.”

पाकिस्तानी फ़ौज इस वीडियो की जांच कर रही है लेकिन उनका कहना है कि संभव है कि ये वीडियो दुष्प्रचार के लिए बनाया गया हो.

जिस व्यक्ति ने ये वीडियो बीबीसी के पास भेजा उसने बताया कि इसकी क्लिप स्वात घाटी में कई लोगों के मोबाईल फ़ोन में है.

लेकिन स्वात के स्थानीय पत्रकारों ने बीबीसी को बताया कि उन्हें पहली बार इसका पता तब चला जब न्यूयॉर्क टाइम्स में इसकी ख़बर छपी.

साल 2009 में पाकिस्तानी फ़ौज ने स्वात में तालिबान चरमपंथियों के ख़िलाफ अभियान चलाया था.

मानवाधिकार गुटों ने उनपर आरोप लगाया था कि वो क़ानून के दायरे से हटकर लोगों को मार रहे हैं.

अमरीका ने कहा है कि वो इस तरह के मानवाधिकार उल्लंघन को ‘बेहद गंभीरता’ से लेते हैं.

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