रिटायर हो रहे हैं डेसमंड टूटू

डेसमंड टुटु
Image caption दक्षिण अफ़्रीका के लोकप्रिय आर्चबिशप डेसमंड टुटु ने सार्वजनिक जीवन से अगल होने का फ़ैसला लिया है.

दक्षिण अफ़्रीका की जानी मानी हस्ती डेसमंड टूटू ने सार्वजनिक जीवन से अलग होने का फ़ैसला लिया है. वो अपना 79वाँ जन्मदिन मना रहे हैं.

दक्षिण अफ़्रीका की अंतरात्मा कहलाने वाले डेसमंड टूटू लंबे समय तक देश की मुखर आवाज़ उस दौर में थे जब दक्षिण अफ़्रीका में अल्मसंख्यक श्वेत लोगों का शासन था.

उन दिनों से अबतक कई क्षेत्रीय झड़पों में वो मिलाप का स्वर बने.

लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार से नवाज़े जा चुके डेसमंड टूटू का कहना है कि वो अब नई पीढ़ी के नेताओं के लिए जगह बनाने चाहते हैं.

अपनी सत्यनिष्ठा और ईमानदारी की वजह से आर्चबिशप डेसमंड टूटू को दक्षिण अफ़्रीका की नैतिक धुरी के तौर पर देखा जाता है.

लेकिन अब वो सार्वजनिक जीवन से रिटायर हो रहे हैं.

प्रखर नेतृत्त्व

1970 के दशक में एक युवा पादरी के तौर पर वो दक्षिण अफ़्रीका की रंगभेदी सरकार के प्रखर आलोचकों में से एक थे.

1980 के दशक के मध्य में जब दक्षिण अफ़्रीका में अल्पसंख्यक श्वेत शासन कर रहे थे, उस दौरान टूटू उनके ख़िलाफ़ छोटे शहरों मे जाकर प्रचार करते थे.

लेकिन जब एक भीड़ ने एक ऐसे पुलिसवाले को जलाने का प्रयास किया जिसपर संदेह था कि वो गुप्त तौर पर पुलिस का काम कर रहा था तो उस ग़ुस्साई हुई भीड़ के बीच में घुसकर टूटू ने उसका बचाव किया.

1986 में डेसमंड टूटू केप टाउन के आर्चबिशप बने और क़रीब इसके एक दशक बाद उन्होंने उस 'ट्रुथ एंड रिकंशिलिएशन कमीशन' की अध्यक्षता की जिसे रंगभेद सरकार के समय हुए अपराधों की जाँच करने के लिए गठित किया गया था.

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