रोज़गार के सिद्धांत पर मिला नोबेल

नोबेल सम्मान पाने वाले अर्थशास्त्री
Image caption रोज़गार और सरकारी नीतियों के अंतर्संबंधों पर शोध के लिए मिला नोबेल सम्मान

अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार इस बार तीन अर्थशास्त्रियों को संयुक्त रूप से दिया गया है, अमरीका के पीटर डायमंड और डेल मॉर्टेंसन के अलावा ब्रिटेन के क्रिस्टोफ़र पिसारिदेस को इस सम्मान के लिए चुना गया है.

बेरोज़गारी, रोज़गार के अवसर और वेतन पर सरकारी नीतियों के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया जा रहा है.

नोबेल पुरस्कार देने वाली समिति ने इस बात के लिए उनकी विशेष तौर पर सराहना की है कि उन्होंने रोज़गार की अवसरों की उपलब्धता के बावजूद बेरोज़गारी कम न होने के कारणों पड़ताल की है.

70 वर्षीय पीटर डायमंड 'मैसेच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलॉजी' के प्रोफ़ेसर हैं और उन्हें सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और कर प्रणाली का विशेषज्ञ माना जाता है.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमरीकी केंद्रीय बैंक 'फे़डरल रिज़र्व' की सदस्यता के लिए भी उनके नाम का अनुमोदन किया है लेकिन विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के विरोध के कारण उनकी नियुक्ति नहीं हो सकी है.

71 वर्षीय प्रोफ़ेसर मार्टेंसन इलिनॉय की 'नॉर्थवेस्ट यूनिवर्सिटी' में प्रोफ़ेसर हैं जबकि 62 वर्षीय प्रोफ़ेसर पिसारीदेस 'लंदन स्कूल ऑफ़ इकॉनॉमिक्स' में पढ़ाते हैं.

प्रोफ़ेसर पिसारीदेस ने कहा कि नोबेल पुरस्कार मिलने की ख़बर सुनकर उन्हें "हैरत, ख़ुशी और संतोष" हुआ है.

उन्होंने कहा, "यह सम्मान इतना बड़ा है कि अगर आपको मिल भी जाए तो यक़ीन नहीं होता कि आपको इतना बड़ा सम्मान मिला है."

इन अर्थशास्त्रियों ने इस परंपरागत अवधारणा को चुनौती दी है कि किसी भी बाज़ार में ग्राहक और दुकानदार (इस मामले में बेरोज़गार और नियोक्ता) एक दूसरे को खोज ही लेते हैं.

उनका सिद्धांत है कि नौकरी देने और पाने की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि एक ही समय पर ढेर सारे बेरोज़गार और ढेर सारे ख़ाली पद, दोनों ही हो सकते हैं.

नोबेल समिति ने इन लोगों के काम की प्रशंसा करते हुए कहा है कि इन अर्थशास्त्रियों ने यह समझाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण काम किया है कि किस तरह सरकार की नीतियां रोज़गार के अवसर और वेतन को प्रभावित करती हैं.

2008 का नोबेल सम्मान पाने वाले अर्थशास्त्री पॉल कुर्गमैन ने इन अर्थशास्त्रियों को 'सम्मान का सच्चा हक़दार' बताते हुए कहा है कि उनका सिद्धांत बहुत ही अहमियत रखता है.

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