लंदन हमलों की जाँच का काम शुरु होगा

लंदन हमला
Image caption लंदन में तीन ट्रेनें और एक डबलडेकर बस हमले का शिकार हुई थीं.

सात जुलाई, 2005 को लंदन में चार आत्मघाती हमलों के मामले की जाँच फिर शुरू होने वाली है. इन हमलों में 52 लोग मारे गए थे.

इस मामले की सुनवाई में इस लिए विलंब हो रहा था क्योंकि इस बात को तय किया जा रहा था कि सुनवाई में क्या-क्या बातें शामिल होंगी.

तीन अंडरग्राउंड ट्रेनों और एक बस पर हुए इन हमलों की सुनवाई पाँच महीने चलेगी और इसकी अध्यक्षता महिला न्यायाधीश हैलेट करेंगी. सुनवाई के दौरान कोई ज्यूरी मौजूद नहीं रहेगी.

जस्टिस हैलेट इस बात की जाँच करेंगी कि क्या ख़ुफ़िया एजेंसी एमआई5 इन हमलावरों को रोक सकती थी. लेकिन मारे गए लोगों में से कई के परिवारों ने इस मामले की सार्वजनिक जाँच की मांग की है.

इन हमलों में 52 लोगों की जानें गई थीं जबकि 700 से अधिक घायल हुए थे. उनमें से कुछ स्थाई रूप से विकलांग हो गए.

हमलावर अलक़ायदा के सदस्य थे और सभी ब्रितानी मूल के थे.

लंदन के रॉयल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में चलने वाली इस सुनवाई के अगले वर्ष मार्च तक जारी रहने की संभावना है और इसमें हमलों के मामले की बारीकी से जाँच की जाएगी.

प्रत्यक्षदर्शी

गवाहों में वे लोग भी शामिल होंगे जो उस समय ऑल्डगेट, एजवेयर रोड और रसेल स्क्वेयर ट्यूब स्टेशनों पर हमलों का शिकार हुई ट्रेनों और किंग्स क्रॉस के निकट उस डबल डेकर बस में सवार थे जिसमें धमाका हुआ.

हमले के शाकर लोगों का जीवन बचाने में जुटे एमरजेंसी सर्विसेज़ के कर्मचारी भी अपनी गवाही देंगे.

Image caption तीन ट्रेनों के साथ एक डबलडेकर बस हमले का शिकार हुई थी

सुनवाई की शुरुआत में हमलों के तुंरत बाद की वे तस्वीरें और वीडियो फ़ुटेज दिखाई जाएंगी जो अब तक नहीं देखी गई हैं.

इन तस्वीरों से यह अंदाज़ा लगाया जाएगा कि उस समय क्या हुआ हालाँकि उनका संपादन करके उन लोगों के चेहरे हटा दिए गए हैं जो हमलों का शिकार हुए.

इस वर्ष के शुरू में लेडी जस्टिस हैलेट ने एक निर्देश में कहा था कि वह हमलावरों की पृष्ठभूमि की भी जाँच करेंगी और यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगी कि सुरक्षा सेवाएँ उनके बारे में क्या जानती थीं.

परिवारजनों का आरोप

कुछ परिवारजनों का कहना है कि सुरक्षा सेवाओं और पुलिस को इस बात की जानकारी थी गिरोह का सरग़ना मोहम्मद सिद्दीक़ एक ख़तरा हो सकता है. हालाँकि सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बारे में बहुत मामूली जानकारी थी और वे इस बात का अंदाज़ा लगाने की स्थिति में नहीं थे.

सुरक्षा और ख़ुफ़िया एजेंसियों ने इन हमलों के बारे में अब तक संसद में दो आधिकारिक रिपोर्टें पेश की हैं जिनमें यह कहा गया है इस मामले में एमआई5 को दोषी ठहराना उचित नहीं है.

एजवेयर रोड बम हमले में मारे गए 22 वर्षीय डेविड के पिता ग्राहम फ़ोक्स का कहना है, "मेरा मानना है कि उनकी (सुरक्षा और ख़ुफ़िया सेवाओं की) अक्षमता की वजह से मोहम्मद सिद्दीक़ यह सब कर सका".

मारे गए कई लोगों के परिवार जनों का सुनवाई के दौरान प्रतिनिधित्व रहेगा और वे गवाहों से सवाल पूछ सकेंगे.

हमले का शिकार हुए कोलिन की विधवा रॉस मोर्ली का कहना है, "यूके और दुनिया भर के निर्दोष नागरिक यह जानना चाहते हैं कि क्या वे अब और भविष्य में सुरक्षित हैं".

संबंधित समाचार