कांगो में फिर सामूहिक बलात्कार

Image caption संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि मारगॉट वॉलस्ट्रोम ने घटनास्थल का दौरा किया था

संयुक्त राष्ट्र की विशेष प्रतिनिधि मारगॉट वॉलस्ट्रोम का कहना है कि कांगो में सरकारी सैनिकों ने उन्हीं गांवों में बलात्कार और हत्याएँ की हैं जिनमें जुलाई और अगस्त में विद्रोहियों ने सैकड़ों महिलाओं के साथ बलात्कार किया था.

संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि ने सुरक्षा परिषद में कहा कि ये कल्पना से भी परे है कि उसी समुदाय को फिर से निशाना बनाया गया है.

संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि ने कांगो के किवू प्रांत का दौरा करने के बाद सुरक्षा परिषद को ये जानकारी दी.

उनका कहना था कि संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों ने इन हमलों की जानकारी दी है.

उन्होंने कांगो सरकार से कहा है कि वो इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे.

मारगॉट वॉलस्ट्रोम का कहना था, ''इस बात की आशंका है कि जुलाई-अगस्त में जो समुदाय बर्बरता का शिकार हुआ था, वहीं इस बार सैनिकों का निशाना बना है. ये कल्पना से परे है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है".

इसके पहले विद्रोहियों ने जुलाई-अगस्त में इसी स्थान पर सामूहिक बलात्कार किया था और इस दौरान शांति सैनिकों पर त्वरित कार्रवाई न करने का आरोप लगा था.

संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि का कहना था कि बुज़ुर्ग महिलाओं को भी नहीं छोड़ा गया.

ग़ौरतलब है कि विद्रोहियों ने जुलाई में लगभग 300 महिलाओं और 50 बच्चों के साथ बलात्कार किया था और इनमें से अनेक लोगों को परिवार और पड़ोसियों के समक्ष निशाना बनाया गया था.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कांगो के पूर्वी भाग में क़ानून व्यवस्था न होने के कारण वहां यौन हिंसा एक समस्या बन चुकी है. वहां बंदूकों से लैस गिरोह गांववासियों पर कभी भी हमला कर देते हैं.

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