फ़्रांस में पेंशन योजना का भारी विरोध

फ़्रांस में प्रदर्शन में हिस्सा लेती छात्राएँ

फ़्रांस में प्रस्तावित पेंशन योजना के ख़िलाफ़ पाँचवें दिन बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ है.

पुलिस का कहना है कि इस प्रदर्शन में आठ लाख से भी ज़्यादा लोगों ने हिस्सा लिया. हालांकि कर्मचारी यूनियनों का दावा है कि इसमें 25 से 30 लाख लोगों ने भाग लिया.

फ़्रांस में सरकार ने प्रस्तावित किया है कि सेवानिवृत्ति या रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 कर दी जाए और सरकार की ओर से पूरी पेंशन पाने की उम्र 65 से बढ़ाकर 67 कर दी जाए.

इसके विरोध में हड़ताल हो रही है और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि इसकी वजह से तेल शोधक कारखाने बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं और कुछ एयरपोर्ट और पेट्रोल पंपों पर पेट्रोलियम पदार्थों की कमी हो गई है.

इस योजना का विरोध करने वालों ने कहा है कि इसके बाद में मंगलवार को हड़ताल करेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे.

सरकार की इस योजना को संसद के निचले सदन ने पहले ही मंज़ूरी दे दी है.

ऊपरी सदन ने इस प्रस्ताव के कुछ बिंदुओं पर अपनी सहमति दे दी लेकिन बुधवार को पूरे प्रस्ताव पर चर्चा होने के बाद मतदान होना है.

विरोध प्रदर्शन

शनिवार को फ़्रांस के कई शहरों में एक साथ हुए विरोध प्रदर्शन में सरकारी और निजी कंपनियों के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया.

ये प्रदर्शन पेरिस, मार्से, लियों, बोर्ड्यू, लिल और टुलूस शहरों में हुए हैं.

कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि उन्होंने देश भर में दो सौ से अधिक जगहों पर प्रदर्शन किए हैं.

कर्मचारी यूनियन सीजीटी के नेता क्रिस्टियन कोस्टे ने कहा, "हमारा मक़सद फ़्रांस के घुटने टेकवाना या कमी पैदा करना नहीं है बल्कि हम चाहते हैं कि हमारी आवाज़ सुनी जाए."

इस हड़ताल की वजह से फ़्रांस के सभी 12 तेल शोधक कारखानों पर असर पड़ा है. दस को या तो बंद करना पड़ा है या फिर वे बंद होने की कगार पर हैं.

कई तेल डिपो के रास्ते बंद कर दिए गए हैं.

परिवहन मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि फ़्रांस के मुख्य विमानतल चार्ल्स द गॉल में कुछ ही दिनों का ईंधन बचा हुआ है. मंत्रालय का कहना है कि विमानतल को तेल की आपूर्ति करने वाली पाइपलाइन भी पूरी तरह से काम नहीं कर रही है.

हालांकि समाचार एजेंसी एएफ़पी के हवाले से कहा है कि अब आपूर्ति ठीक हो गई है.

आपाधापी

Image caption जगह-जगह तेल आपूर्ति को बाधित कर दिया गया है

इस बीच देश के दस प्रतिशत पेट्रोल पंपों पर तेल ख़त्म हो चुका है और लोगों में तेल ख़रीदने की आपाधापी मच गई है.

फ़्रांस की वित्तमंत्री क्रिस्टीन लेगार्द ने उम्मीद ज़ाहिर की है कि इस अवरोध को बातचीत के ज़रिए सुलझा लिया जाएगा.

मार्से शहर में चार दिनों की हड़ताल की वजह से कूड़े का ढेर इकट्ठा हो गया है.

कई जगह छात्रों के इस हड़ताल में शामिल होने की वजह से स्कूल भी प्रभावित हुए हैं.

वाहन चालकों ने कहा है कि वे हड़ताल में शामिल होने के बारे में सोमवार को कोई फ़ैसला करेंगे.

इससे पहले मंगलवार को हड़ताल हुई थी. यूनियनों का कहना है कि उस दिन 35 लाख लोगों ने इसमें हिस्सा लिया था. उससे पहले दो अक्तूबर, शनिवार को विरोध प्रदर्शनों में पुलिस के अनुसार नौ लाख लोगों ने हिस्सा लिया था जबकि यूनियनों ने 30 लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया था.

इस हड़ताल के बारे में हुई एक रायशुमारी में सत्तर प्रतिशत लोगों ने कहा है कि ये विरोध प्रदर्शन 1995 की तरह राष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो सकते हैं. जबकि 50 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे इसका समर्थन करेंगे.

1995 में लगातार तीन हफ़्तों तक चली हड़ताल की वजह से सरकार को आर्थिक सुधार की अपनी योजना को छोड़ना पड़ा था. उस योजना में भी सेवानिवृत्ति की उम्र में बढ़ोत्तरी शामिल थी.

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