जर्मनी में आप्रवासियों को सलाह

एंगेला मर्केल

जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने स्वीकार किया है कि एक बहुसांस्कृतिक समाज बनाने की कोशिश विफल हो गई है.

अपनी पार्टी क्रिस्चन डमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जर्मनी में अलग-अलग संस्कृतियों की पृष्ठभूमि वाले लोगों के एक साथ शांतिपूर्ण तरीके से रहने का विचार जर्मनी में काम नहीं कर रहा है.

उन्होंने कहा है कि अप्रवासी लोगों को जर्मन भाषा सीखने और जर्मन समाज से मेलजोल बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए.

उनका कहना था कि लोगों को इसलिए भी जर्मन सीखना चाहिए जिससे कि वे नौकरी की दौड़ में शामिल हो सकें.

उन्होंने कहा, "साठ के दशक की शुरुआत में हमारे देश ने विदेशी कामगारों को जर्मनी आंमत्रित किया और अब वो यहीं बस गए हैं. पहले तो हमने ख़ुद को ये कहकर बहलाया कि वो यहाँ नहीं रहेंगे और किसी भी समय वो यहाँ से चले जाएँगे, लेकिन वो सच्चाई नहीं थी.बहुसंस्कृति को लेकर हमारी जो सोच थी, एक दूसरे के साथ रहने और एक दूसरे का सम्मान करने की वह सोच असफल हो गई है. पूरी तरह से असफल."

लेकिन यूरोप में इस्लामिक संगठनों के महासंघ के अध्यक्ष इब्राहिम अल-ज़यात ने मर्केल की इस तरह की भाषा के इस्तेमाल करने को लेकर चिंता ज़ाहिर की है.

उन्होंने कहा, "मेरा ये मानना है कि इस मुद्दे पर संतुलित नज़रिए की ज़रुरत है. अगर कोई ये कहता है कि बहुसांस्कृति समाज बनाने में विफल हो गए तो वो यथार्थ में नहीं जी रहा है. हम 21 वीं सदी में रह रहे हैं जहाँ हम देख रहे हैं कि जर्मनी यूरोप का भाग है जहाँ का समाज बहुसांस्कृतिक है. यह अब एक ऐसा देश नहीं है जहाँ जर्मन संस्कृति का ही बोलबाला हो जैसा कि सीडीयू पार्टी का दावा है."

इस मुद्दे पर जर्मनी में पहले से बहस छिड़ी हुई है और अब मर्केल भी इसमें शामिल हो गई हैं.

जर्मनी के राष्ट्रपति ने दो हफ़्ते पहले ही कहा था इस्लाम धर्म उनके देश का हिस्सा है लेकिन इस पर अन्य राजनैतिक नेताओं ने असहमति जताई थी.

इस मसले पर किए गए सर्वेक्षण में लोगों ने आप्रवासियों को लेकर चिंता ज़ाहिर की थी.

अब मर्केल का मत भी लोगों के साथ दिख रहा है.

मर्केल का ये बयान पिछले हफ़्ते तुर्की के प्रधानमंत्री रेचप तैयब अरदोहान से हुई उनकी मुलाक़ात के बाद आया है.

इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने जर्मनी में रह रहे तुर्की समुदाय के 25 लाख लोगों के साथ मेलजोल के कमज़ोर रिकॉर्ड को सुधारने की बात कही थी.

संबंधित समाचार