वुवुजे़ला को मिलेगा नया रुप

vuvuzela
Image caption नए वुवुजेला की तलाश के लिए स्पर्धा का उद्देश्य स्थानीय रोजगार पैदा करना भी है

फुटबॉल विश्वकप में 'वुवुज़ेला' दर्शकों के जोश और जुनून का ज़रिया बने. आयोजन खत्म हुआ तो हज़ारों की संख्या में बेकार हुए इन वुवुज़ेला के इस्तेमाल के लिए दक्षिण अफ़्रीका ने एक नायाब तरीका निकाला है.

दक्षिण अफ़्रीका में इन दिनों एक अनोखी स्पर्धा लोगों का ध्यान खींच रही है. यह स्पर्धा वुवुजे़ला के इस्तेमाल के लिए नए-नए तरीके इजाद करने से जुड़ी है.

कुछ डिजाइनों का सुझाव भी दिया गया है जिनके तहत दुनियाभर में मशहूर प्लास्टिक के हॉर्न यानी वुवुज़ेला को भव्य झाड़फ़ानूस, लैंप शेड और टेबल स्टैंड में तब्दील किया जा सकता है.

इस स्पर्धा के आयोजक जोनो स्वानेपोएल का कहना है कि स्पर्धा में शामिल सभी डिज़ाइनों को स्थानीय निर्माताओं को सौंप दिया जाएगा.

किस डिज़ाइन को मंजूरी दी गई है इसकी घोषणा इस महीने के आखिर में की जाएगी.

रोज़गार

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने बताया, "इसका मक़सद यहां के शिल्पकारों के लिए नौकरियां पैदा करना है. लैंप शेड जैसी डिजाइन दक्षिण अफ़्रीका के ग़रीब लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है, मसलन-कम कीमत वाले मकान में घर की छत से लटक रहे बल्ब में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं."

आयोजकों के मुताबिक अभी तक 200 लोगों ने इस कंपिटीशन के लिए आवेदन किया है. कुल 10 सर्वश्रेष्ठ डिजाइनों के बीच 1,460 डॉलर पुरस्कार का वितरण किया जाएगा.

दक्षिण अफ़्रीका में फ़ुटबॉल खेल के दौरान वुवुजे़ला एक खास विशेषता रही है. लेकिन कई विदेशी प्रशंसकों ने इसके धुन की आलोचना की थी. यूरोप के कई फ़ुटबॉल क्लबों ने मैदान में इसके इस्तेमाल पर प्रतिबंध भी लगा रखा है.

फुटबॉल विश्वकप की देखादेखी दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भी वूवूज़ेला का जुनून सिर चढ़ कर बोला.

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