पेंशन को लेकर फ़्रांस में व्यापक हड़ताल

Image caption पेंशन योजना में सुधारों को लेकर व्यापक विरोध

फ़्रांस की पेंशन योजना में सरकार के प्रस्तावित सुधारों को लेकर कोई पांच लाख लोगों ने लगातार छठे दिन राष्ट्रीय हड़ताल में हिस्सा लिया.

इन हड़तालों की वजह से यातायात और स्कूल प्रभावित हुए हैं. तेल शोधक संयंत्रों की नाकेबंदी के कारण ईंधन की सप्लाई बाधित हुई है और कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं.

आम जीवन के अस्त-व्यस्त होने के बावजूद एक जनमत सर्वेक्षण के अनुसार 71 प्रतिशत लोग हड़ताल के पक्ष में हैं.

सरकार सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 करना चाहती है और सरकारी पेंशन की आयु 65 से 67 करना चाहती है.

राष्ट्रपति निकोला सारकोज़ी का कहना है कि वो इन सुधारों को लागू करके रहेंगे.

उन्होने कहा कि उन्होने इसपर गहन विचार किया है और इन सुधारों को अब रोक पाना संभव नहीं है.

राष्ट्रपति ने कहा, “ये बड़ा कठिन और जटिल विकल्प था लेकिन इसे लागू करना मेरा दायित्व है”.

फ़्रांस में ये विरोध पिछले सप्ताह से और तेज़ हो गया जब रेलवे और तेल शोधक कर्मचारियों की यूनियनों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया जिसमें ट्रक चालक और डिलिवरी कर्मी भी शामिल हो गए.

सरकारी मंत्रियों का कहना है कि देश में पर्याप्त तेल है और हवाईअड्डों में तेल की भरपूर सप्लाई मौजूद है. लेकिन मंगलवार की रात तक कोई 2,500 पैट्रोल पम्पों में तेल की कमी हो जाएगी.

राष्ट्रपति सारकोज़ी ने आपात मंत्रिमंडल का गठन किया है जो इस संकट से निपटने के लिए उपयुक्त क़दम उठाएगी.

लेकिन सरकार यूनियनों को और रिआयतें देने को तैयार नहीं हैं और इस समय किसी भी पक्ष के पीछे हटने के आसार नज़र नहीं आते.

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