स्वर्ण मंदिर ज़रूर जाएँ, ओबामा से आग्रह

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा नवंबर में भारत आ रहे हैं और इस दौरान अमृतसर के स्वर्ण मंदिर जाने की भी योजना थी.

लेकिन वहाँ सर ढकने पर हुए विवाद को लेकर स्वर्ण मंदिर का दौरा खटाई में पड़ता नज़र आ रहा है. इसे देखते हुए एक सिख संगठन ने ओबामा से आग्रह किया है कि वो स्वर्ण मंदिर का दौरा रद्द न करें.

यूनाइटेड सिख्स नाम का ये संगठन अपने सदस्यों से अनुरोध कर रहा है कि वो ओबामा को निजी संदेश भेजकर उन्हें मनाने की कोशिश करें.

संगठन का कहना है कि स्वर्ण मंदिर दौरे की अहमियत को कम करके नहीं देखा जा सकता क्योंकि ये सिखों को मौका देगा कि वो अमरीकी राष्ट्रपति का स्वागत कर सकें.

भारतीय मीडिया में आई रिपोर्टों के मुताबिक ओबामा का अमृतसर दौरा रद्द हो सकता है. दरअसल ओबामा कथित तौर पर इस बात को लेकर चिंतित है कि अगर वो स्वर्ण मंदिर जाने के लिए अपना सर ढकते हैं तो इससे इस ग़लतफ़हमी को और बल मिलेगा कि वो मुस्लिम हैं.

मुसलमान समझते हैं....

कुछ महीने पहले हुए एक शोध के मुताबिक अमरीका में उन लोगों की संख्या बढ़ रही है जिनका मानना है कि बराक ओबामा मुसलमान हैं.तीन हज़ार से ज़्यादा अमरीकियों के बीच किए गए प्यू रिसर्च सर्वे में 18 प्रतिशत लोगों का कहना था कि वे राष्ट्रपति को मुसलमान समझते हैं जबकि मार्च, 2009 में केवल 11 फ़ीसदी लोग ऐसा मानते थे.

यह सर्वेक्षण 13 अगस्त से पहले हुआ था जब ओबामा ने ग्राउंड ज़ीरो पर इस्लामी केंद्र बनाने के मुसमलानों के अधिकार की हिमायत की थी.

वहीं यूनाइटेड सिख्स संगठन ने कहा है कि अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी स्वर्ण मंदिर आए हैं और परिसर के अंदर अपना सर ढका है.

संगठन के मुताबिक वे ओबामा पर ये पाबंदी नहीं लगाएगा कि वो अपना सर किस तरह ढकें.

व्हाइट हाउस ने इस बारे में टिप्पणी नहीं की है और सिर्फ़ इतना कहा है कि भारत में राष्ट्रपति ओबामा का कार्यक्रम अभी तय नहीं है.

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