'अमरीकी सेना ने बर्बर अत्याचार किए'

अमरीकी सैनिक
Image caption इराक़ युद्ध में लाखों लोग मारे गए हैं

विकीलीक्स नाम की वेबसाइट पर प्रकाशित अमरीकी ख़ुफ़िया दस्तावेजों से यह बात सामने आई है कि अमरीकी फौज के साथ काम कर रहे इराक़ी सैनिकों ने कै़दियों पर बर्बर अत्याचार किए थे जिसकी जानकारी अमरीकी अधिकारियों को थी मगर उन्होंने ज़्यादातर मामलों में कार्रवाई नहीं की.

ये क़ैदी स्थानीय इराक़ी नागरिक थे.

साल 2004 से 2009 की घटनाओं से संबंधित इन दस्तावेज़ों के मुताबिक़ सैनिकों ने कैदियों पर तेज़ाब डाला, बिजली मशीनों से उनके शरीर में सुराख़ (ड्रिल) किए, उनके अंग भंग किए और उन्हें दूसरी तरह की यातनाएं दीं.

विकीलीक्स ने फिर खोली 'पोल'

अमरीकी सैनिकों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी लेकिन आदेश था कि कोई जाँच पड़ताल शुरू न की जाए.

नए सवाल

ये रहस्योद्घाटन युद्ध में हुई मौतों पर कई नए सवाल खड़े करते हैं और इस बात पर भी कि क्या अमरीका के पास मारे गए लोगों की एक ख़ुफिया लिस्ट हमेशा से मौजूद थी?

अमरीका कहता रहा है कि उसके पास युद्ध में मारे गए लोगों की सही तादाद की जानकारी नहीं है.

सैन्य दस्तावेज़ जारी करना शर्मनाक: अमरीका

एक सवाल यह भी खड़ा होता है कि अमरीका को ईरान के ज़रिये इराक़ी शियाओं को सप्लाई किए जा रहे हथियारों और उससे उपजी हिंसा का कितना अंदाज़ा था?

विकीलीक्स पर प्रकाशित दस्तावेज़ में उस घटना का भी ज़िक्र है जिसमें एक सैनिक हेलीकाप्टर को आत्मसर्मपण कर रहे इराक़ी चरमपंथियों पर गोलीबारी का हुक्म दिया गया था.

अधिकारियों ने हेलीकाप्टर में मौजूद दल से कहा कि चरमपंथी एक वायुयान के समक्ष आत्मसर्मपण नहीं कर सकते इसीलिए उनपर गोलीबारी जायज़ हैं

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