एफबीआई का दावा, विफल की हमलों की साज़िश

FBI
Image caption न्याय मंत्रालय के अनुसार फारूक को गिरफ्तार कर एक बड़े हमले की योजना को नाकाम कर दिया दिया गया है.

अमरीकी जांच एजेंसी एफबीआई ने पाकिस्तान में जन्मे एक अमरीकी नागरिक फारूक अहमद को वाशिंगटन के भूमिगत स्टेशनों पर हमले की साज़िश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया है.

गिरफ्तारी के बाद फारूक को एक अदालत में पेश किया गया जहां उनके खिलाफ तीन आरोप दर्ज किए गए हैं.

अमरीकी न्याय मंत्रालय के अनुसार फारूक को गिरफ्तार करके एक बड़े हमले की योजना को नाकाम कर दिया गया है.

निगरानी

एफबीआई के मुताबिक फारूक पर कई महीनों से नज़र रखी जा रही थी जिसके दौरान उसे वाशिंगटन के मेट्रो स्टेशनों की तस्वीरें खींचते और वीडियो बनाते देखा गया. बाद में उन्होंने ये जानकारियां कुछ अनजान लोगों के हवाले कर दीं.

मंत्रालय ने अपने ब्यान में कहा की हमले की योजना में कई भीड़-भाड़ वाले मेट्रो स्टेशन और होटल शामिल थे.

मंत्रालय ने दावा किया है कि इन हमलों का उद्देश्य ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की जान लेना था.

न्याय मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस साज़िश को लेकर आम नागरिकों की जान को कोई ख़तरा नहीं क्योंकि पहले दिन से उन्हें इस साज़िश की जानकारी थी.

गिरफ़्तारियां

इस गिरफ़्तारी से कुछ महीने पहले एक और पाकिस्तानी-अमरीकी नागरिक फैसल शहज़ाद को भी गिरफ्तार किया गया था.

फैसल शहज़ाद पर न्यूयॉर्क शहर के टाइम्स स्कवेयर में एक धमाका करने की कोशिश का आरोप था. हाल ही में अमरीका की एक अदालत ने फैसल को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है.

फ़ैसल को आजीवन कारावास की सज़ा

घटनाक्रम

Image caption पिछले कुछ सालों में अमरीकी अधिकारियों ने 22 से भी ज़्यादा मुस्लिम चरमपंथियों को गिरफ्तार किया है.

एफबीआई के एक पूर्व अधिकारी टॉम फुंटेस के अनुसार फारुक की गिरफ़्तारी उन्हें डेविड हेडली की याद दिलाती है.

उन्होंने कहा, "यह मुझे उस घटनाक्रम की याद दिलाता है कि किस तरह डेविड हेडली पहले पाकिस्तान गया फिर मुंबई और फिर हमला किए जाने वाले ठिकानों की पहचान की. वह उनकी तस्वीरें उतारता है और फिर वापस पाकिस्तान जाता है. वहां वह हमले की योजना करने वालों से मिलता है और हमला करने वालों को प्रशिक्षण देता है.''

''फारूक का मामला भी इसी तरह का है. वह हमलों के लिए निशाने पर रहे स्टेशनों की पहचान करता है, उनकी तस्वीरें उतारता है और फिर इन्हें उन लोगों के हवाले करना चाहता है जो हमलों की योजना बना रहे थे.''

आतंकवादी षड़यंत्र में अमरीकियों को सज़ा

    फारुक के ख़िलाफ अगर जुर्म साबित हो गए तो उन्हें 50 वर्ष की सज़ा सुनाई जा सकती है.

    पिछले कुछ सालों में अमरीकी अधिकारियों ने 22 से भी ज़्यादा मुस्लिम चरमपंथियों को गिरफ्तार किया है. यह सभी अमरीकी नागरिक हैं.

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