सऊदी अरब की इराक़ पर पहल

Image caption इराक़ में सरकार गठन में मुश्किलें पेश आ रही हैं

सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला ने इराक़ के सभी राजनेताओं को सरकार गठन में आ रही परेशानियों के सिलसिले में बातचीत के लिए आमंत्रित किया है.

इराक़ में चुनाव हुए आठ महीने हो गए हैं लेकिन अब तक सरकार गठित नहीं हो पाई है.

शाह अब्दुल्ला ने कहा है कि हज के तुरंत बाद रियाध में ये बैठक हो सकती है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सऊदी अरब इराक़ में ईरान से सहानुभूति रखने वाले शियाओं के प्रभुत्व वाली सरकार बनने के संभावना से चिंतित हैं.

संवाददाता का कहना है कि सऊदी अरब की पहल से इयाद अलावी पर नूरी अल मलिकी के नेतृ्तव वाली सरकार में शामिल होने का दबाव कम होगा.

दरअसल इराक़ में चुनाव के बाद शिया, सुन्नी और कुर्द गुटों के बीच प्रधानमंत्री के पद को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है.

निवर्तमान प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी और इयाद अलावी दोनों ही भावी सरकार के नेतृत्व का दावा कर रहे हैं.

चुनाव में इयाद अलावी की धर्मनिरपेक्ष सुन्नी इराक़िया गठबंधन को 91 सीटें मिली थीं.

अलावी के गठबंधन को नूरी अल मलिकी के शिया बहुत गठबंधन से दो सीटें अधिक मिली हैं.

सरकार बनाने के लिए किसी भी गुट के पास 163 सीटें होनी चाहिए और इसका अर्थ ये है कि सरकार बनाने के लिए किसी प्रकार के व्यापक गठबंधन की आवश्यकता होगी.

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