इराक़ में बंधकों को छुड़ाने के दौरान ख़ूनख़राबा

Image caption हमलावरों ने चर्च पर धावा बोलकर लोगों को बंधक बना लिया था

सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि इराक़ की राजधानी बग़दाद में कैथोलिक चर्च में बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाने के दौरान हुए संघर्ष में लगभग 37 लोग मारे गए हैं और 50 से ज्यादा घायल हो गए हैं.

सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि मरने वालों में 25 बंधक, सात इराक़ी सुरक्षाबल के जवान और कम से कम पाँच हमलावर शामिल हैं

दरअसल हमलावरों ने शाम की प्रार्थना के वक़्त धावा बोलकर चर्च पर कब्ज़ा कर लिया था और वहां मौजूद लोगों को बंधक बना लिया था.

इस दौरान लगभग सवा सौ लोग चर्च में प्रार्थना के लिए मौजूद थे.

इसके बाद सुरक्षाबलों ने चर्च की घेराबंदी कर दी और इस इलाक़े को सील कर दिया और उसके बाद उस पर धावा बोल दिया.

ख़बरें हैं कि बंदूकधारी जेलों में बंद अल क़ायदा नेताओं की रिहाई की माँग कर रहे थे.

स्थानीय टीवी स्टेशन अल बग़ददिया का कहना है कि उसे एक टेलीफ़ोन कॉल मिला था जिसमें एक व्यक्ति ने दावा किया था कि वो हमलावर है और वो इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़ का सदस्य है.

ये एक सुन्नी चरमपंथी गुट है जो इराक़ में अल क़ायदा से जुड़ा हुआ है. ऐसी भी ख़बरें हैं कि हमलावर इराक़ी नहीं बल्कि विदेशी अरब थे.

इसके पहले बंदूकधारियों ने बग़दाद स्टॉक एक्सचेंज को निशाना बनाया था.

पुलिस का कहना है कि इस हमले में छह लोग मारे गए थे जिसमें दो पुलिस अधिकारी शामिल थे.

इसके बाद हमलावर नजदीकी चर्च में घुस गए जहाँ प्रार्थनासभा चल रही थी.

ग़ौरतलब है कि इराक़ में चर्च को अक्सर निशाना बनाया जाता रहा है और उन पर बम हमले होते रहे हैं लेकिन पहली बार वहाँ लोगों को बंधक बनाया गया.

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