कौन हैं डिलमा रूसेफ़?

डिलमा रूसेफ़

कुछ महीने पहले तक लोग डिलमा रूसेफ़ को जानते तक नहीं थे. यहाँ तक कि ब्राज़ील में भी...

वह एक सरकारी कर्मचारी थीं जिन्होंने कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा था. आज वह ब्राज़ील की पहली महिला राष्ट्रपति हैं.

लेकिन अगर ब्राज़ील में या दुनिया भर में उनको कोई पहचान नहीं है तब भी वह ब्राज़ील के सत्ता के गलियारों की अच्छी जानकारी रखती हैं.

बासठ वर्षीया डिलमा ने 2003 में लूला डिसिल्वा सरकार में ऊर्जा मंत्री के तौर पर काम करना शुरू किया.

उसके बाद 2005 में जब भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद डिसिल्वा सरकार के कई मंत्रियों को पद छोड़ने पड़े तब वही चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ बना दी गईं.

वह इस पद पर तब तक बनी रहीं जब तक उन्होंने वर्कर्स पार्टी की प्रत्याशी के तौर अपने राष्ट्रपति चुनाव अभियान की शुरुआत नहीं की.

लूला उन्हें मदर ऑफ़ पीएसी कहा करते थे. पीएसी सरकार की आर्थिक विकास परियोजना थी जिसके तहत ब्राज़ील के विकास के लिए अरबों डॉलर ख़र्च करने का प्रावधान था.

डिलमा रूसेफ़ ब्राज़ील के तेल कंपनी पेट्रोब्रास के बोर्ड की अध्यक्ष भी रहीं.

राष्ट्रमाता

चुनाव अभियान के दौरान लूला डिसिल्वा प्रायः उन्हें राष्ट्रमाता कहते रहे और उनकी यह छवि टेलीविज़न पर चुनाव प्रचार के दौरान छाई रही.

वह इस बात को बार-बार दोहराती रहीं कि वह लूला सरकार के सिद्धांतों पर अटल हैं जिसके तहत लाखों ब्राज़ीलवासियों ने अपना जीवन स्तर बेहतर होते देखा.

वह सामरिक मामलों जैसे बैंकिंग, तेल उद्योग और ऊर्जा के क्षेत्र में सरकार की मज़बूत भूमिका की पक्षधर हैं.

साथ ही उन्होंने ब्राज़ील की जटिल टैक्स प्रणाली को भी सरल बनाने का वायदा किया है.

उनके सामने एक बड़ी चुनौती यह है कि वह जननेता लूला नहीं हैं और उन्हें जल्दी ग़ुस्सा आता है. हालाँकि उनकी इसी प्रवृत्ति ने उन्हें लौह महिला का ख़िताब दिलाया.

डिलमा रूसेफ़ का 1947 में जन्म हुआ. उनका पालनपोषण एक उच्च मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ . उनके पित बलगारिया से आए प्रवासी थे.

साठ के दशक के मध्य में उनका राजनीति की ओर झुकाव हुआ और उन्होंने तानाशाही के ख़िलाफ़ भूमिगत आंदोलन में हिस्सा लिया.

उनका कहना है कि वह सशस्त्र आंदोलन का हिस्सा नहीं थीं लेकिन 1970 में उन्हें तीन वर्ष के लिए जेल की सज़ा हो गई.

डिलमा रूसेफ़ का दो बार तलाक़ हो चुका है और उनकी एक बेटी है. अगस्त में वह नानी भी बन गईं.

वर्ष 2009 में उनका कैंसर का इलाज हुआ और अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं.

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