चरमपंथी संगठनों की आर्थिक नाकेबंदी

ताज
Image caption 2008 में हुए मुंबई हमलों में 174 लोग मारे गए थे

अमरीका ने पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, उसके संस्थापक मोहम्मद मसूद अज़हर, उनसे जुड़ी दूसरी संस्थाएँ और लश्कर-ए-तैबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिया है.

इसके अलावा लश्कर-ए-तैबा के प्रमुख नेता आज़म चीमा पर भी पाबंदी लगा दी गई है.

अमरीकी वित्त मंत्रालय के अनुसार आज़म चीमा ने भारत में 26 नवंबर (2008) को हुए मुंबई हमलों के हमलावरों को प्रशिक्षण दिया था और वह 2006 मुंबई ट्रेन धमाकों का मुख्य सरगना था.

वित्त मंत्रालय का कहना है कि इस प्रतिबंध के साथ ही इन संस्थाओं और व्यक्तियों की अमरीकी सीमा के भीतर आनेवाली कोई भी चल और अचल संपत्ति ज़ब्त कर ली जाएगी.

अहम क़दम

साथ ही कोई भी अमरीकी शहरी इनके साथ किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं रख पाएगा.

आतंकवाद और वित्तीय गुप्तचर विभाग में उप मंत्री स्टुअर्ट लेवी ने कहा, "बेकसूर नागरिकों पर हमला करने के मामले में लश्करे तैबा और जैश ने अपनी क्षमता और इच्छा दोनों साबित की है. ये फ़ैसला इन ख़तरनाक संगठनों के कामकाज और वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने की तरफ़ एक अहम क़दम है."

बीबीसी के वाशिंगटन संवाददाता ज़ुबैर अहमद का कहना है कि जानकारों के मुताबिक़ राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा के कुछ घंटों पहले पाकिस्तान स्थित संगठनों के ख़िलाफ़ लिया गया ये फ़ैसला भारत को ख़ुश करने की एक कोशिश है.

ओबामा की शनिवार से भारत के दौरे पर आ रहे हैं.

भारत लंबे समय से अमरीका पर इस बात का दबाव डालता रहा है कि वह पाकिस्तान को उसकी ज़मीन से जारी आतंकवाद को रोकने के लिए कड़ा क़दम उठाने पर मजबूर करे.

ये दोनों संगठन पाकिस्तान में अब भी प्रतिबंधित नहीं है. हाल ही में पाकिस्तान में आई बाढ़ के दौरान इन संगठनों ने राहत कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया था.

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