'हमज़ा से ब्रितानी पासपोर्ट नहीं छीना जाएगा'

अबू हमज़ा

ब्रिटेन के एक कट्टरपंथी धर्मप्रचारक अबू हमज़ा ने उन्हें ब्रितानी पासपोर्ट से वंचित करने के सरकार के इरादों के ख़िलाफ़ अपील जीत ली है.

एक विशेष आप्रवासी अपील कमीशन ने अपने 12 पन्नों के निर्देश में इस अपील को स्वीकार कर लिया.

हमज़ा ने अपनी अपील में कहा था कि वह पहले ही अपनी मिस्र की नागिरकता छोड़ चुके हैं और ब्रितानी पासपोर्ट वापस ले लेने से वह 'राष्ट्रविहीन' हो जाएँगे.

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय का कहना है कि वह इस फ़ैसले से निराश है लेकिन इससे अमरीका के हमज़ा को आतंक के आरोपों का सामना करने के लिए वहाँ प्रत्यर्पित किए जाने के प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

बावन वर्षीय हमज़ा को हत्या और नस्लवादी नफ़रत फैलाने के अपराध में फ़रवरी, 2006 में सात साल की जेल की सज़ा सुनाई गई थी.

राष्ट्रविहीन

लंदन में पिछले महीने तीन दिन चली सुनवाई में हमज़ा के वकीलों ने तर्क दिया था कि वह मिस्र की नागरिकता छोड़ चुके हैं और अब उन्हें 'राष्ट्रविहीन' नहीं किया जा सकता.

लेकिन गृह मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के कोई दस्तावेज़ मौजूद नहीं हैं जिनसे साबित हो कि वह मिस्र के नागरिक नहीं हैं. उन्हें एक बार मिस्र का पासपोर्ट दिया जाना नकार दिया गया था लेकिन बाद में वह उन्हें मिल गया.

न्यायाधीश जस्टिर मिटिंग ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि जब तत्कालीन गृह मंत्री डेविड ब्लंकेट ने चार अप्रैल, 2003 को हमज़ा की ब्रितानी नागरिकता वापल लेने का अपना इरादा ज़ाहिर किया था, तब वह मिस्र के नागरिक थे या नहीं.

लेकिन उनका कहना था कि पैनेल को कुछ विशेषज्ञों से पता चला कि हमज़ा की मिस्र की नागिरकता छीनी जा चुकी है.

गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम आज के फ़ैसले से बेहद निराश हैं और इस की बारीकी से जाँच करेंगे".

उन्होंने कहा, "ब्रितानी नागरिकता एक सम्मान है और यदि गृह मंत्री को लगता है कि यह सार्वजिनक हित में है तो उन्हें दोहरी नागरिकता वाले लोगों से इसे वापस लेने का अधिकार है".

प्रवक्ता ने कहा, "आज के आदेश से हमज़ा के ख़िलाफ़ जारी प्रत्यर्पण की कार्रवाइयों पर कोई असर नहीं पड़ेगा".

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