नूरी अल मलिकी दोबारा बने प्रधानमंत्री

इराक़ी नेताओं की बैठक
Image caption नूरी अल मलिकी को दोबारा प्रधानमंत्री चुना गया है.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इराक़ में शिया नेता नूरी अल मलिकी को दोबारा प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किए जाने और नई सरकार के गठन का स्वागत किया है.

ओबामा ने इराक़ में हुए चुनाव के बाद, जीतने वाले सभी दलों के नेताओं से अपील की है कि वो मिलजुल कर नई सरकार बनाने और कामकाज चलाने में सहयोग करें.

ये क़दम कई महीनों से चल रहे राजनीतिक गतिरोध को ख़त्म करने के लिए हुए समझौते के बाद उठाया गया है.

इस वर्ष मार्च में हुए चुनावों में किसी भी दल को बहुमत ना मिलने के कारण इराक़ में आठ महीनों से राजनीतिक गतिरोध चल रहा था

व्हाइट हाउस से जारी एक वक्तव्य के अनुसार, ''इस साल हुए चुनावों के बाद आम लोगों द्वारा चुनी गई और सभी दलों के मिलेजुले प्रयासों से बनी इस सरकार को लेकर राष्ट्रपति उत्साहित हैं.''

बराक ओबामा ने कहा है कि इराक़ में विभिन्न पक्षों के बीच हुआ ये समझौता देश के हित में 'एक बड़ा क़दम' है और सराहनीय है.

'वॉक आउट'

हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री अयाद अल्लावी के नेतृत्व वाले सुन्नी समर्थित गठबंधन 'अल-इराक़िया' के संसद से वॉक आउट करने के बाद ये समझौता संदेह के घेरे में आ गया है.

बुधवार देर रात हुए समझौते में नूरी अल मलिकी के प्रधानमंत्री पद पर बने रहने पर सहमति हुई थी और साथ ही ये तय हुआ था कि अयाद अल्लावी एक नई राष्ट्रीय रणनीतिक परिषद के प्रमुख बनाए जाएंगे.

बग़दाद में कई घंटों की देरी से गुरुवार को शुरू हुई संसद की बैठक में जलाल तालाबानी की नियुक्ति से पहले ही हंगामा शुरु हो गया.

'अल-इराक़िया' का कहना है कि सद्दाम हुसैन की बाथ पार्टी में रह चुके चार सुन्नी नेताओं पर से प्रतिबंध हटाने पर मलिकी ने सहमति जताई थी, लेकिन अब वो उससे मुकर गए हैं.

'अल-इराक़िया' गठबंधन के सदस्यों ने ये कहते हुए संसद से वॉकआउट कर दिया कि संसद सबसे पहले प्रतिबंधित सुन्नी नेताओं पर से सद्दाम हुसैन की बाथ पार्टी का साथ देने के कलंक को मिटाने के लिए एक प्रस्ताव पारित करे.

लेकिन वॉक आउट के बावजूद संसद का सत्र जारी रहा और सांसदों ने जलाल तालिबानी को दोबारा राष्ट्रपति चुन लिया.

गतिरोध

Image caption कई घंटों की देरी से शूरू हुआ इराक़ी संसद का सत्र.

बग़दाद में बीबीसी संवाददाता जिम मुइर के अनुसार सुन्नी समर्थित गठबंधन अल-इराक़िया, जलाल तालिबानी के दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के ख़िलाफ़ नहीं था लेकिन गठबंधन चाहता था कि ये प्रस्ताव राष्ट्रपति के चुनाव से पहले पारित किया जाए.

बहरहाल दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद तालिबान ने सबसे बड़े गठबंधन के नेता नूरी अल मलिकी को सरकार गठित करने को कहा है. अल मलिकी को कैबिनेट के गठन के लिए एक महीने का वक़्त दिया गया है.

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