जेपीसी पर संसद में फिर हंगामा

संसद

तीन अलग-अलग मामलों में हुए कथित घोटालों की जाँच संयुक्त संसदीय दल (जेपीसी) से करवाने की मांग को लेकर विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया.

इसकी वजह से लोकसभा और राज्यसभा दोनों की बैठक शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.

सरकार का कहना है कि इन सभी मामलों की जाँच चल रही है और इसके लिए जेपीसी के गठन की आवश्यकता नहीं है.

विपक्षी दल संचार मंत्रालय में 2जी स्पैक्ट्रम घोटाले, राष्ट्रमंडल खेलों में हुई आर्थिक अनियमितताओं और आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले के मामले की जाँच जेपीसी को सौंपने की मांग कर रहे हैं.

सरकार की ओर से इस मामले में विपक्षी दलों से चर्चा कर कोई रास्ता निकालने के प्रयास भी हुए हैं लेकिन विपक्षी दल जेपीसी की मांग छोड़ने के लिए राज़ी नहीं हुए.

हंगामा

Image caption विपक्ष के हंगामे के बाद राजा को इस्तीफ़ा देना पड़ा है

गुरुवार को जैसे ही दोनों सदनों की कार्यवाही शुरु हुई विपक्षी दल के सदस्य जेपीसी जाँच की मांग को लेकर नारे लगाने लगे.

राज्यसभा में उपसभापति के रहमान खान ने 15 नवंबर को पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर क्षेत्र में पांच मंजिला इमारत ढह जाने के हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को पूरे सदन की ओर से श्रद्धांजलि दी.

इसके बाद जैसे ही उप सभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने को कहा, सदन में भाजपा और एआईडीएमके सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया.

नारे लगाते हुए भाजपा, आरजेडी और एआईडीएमके के सदस्य नारेबाज़ी करते हुए आसन के निकट आ गए.

इसी मुद्दे पर वामदल और टीडीपी के सदस्य भी अपने स्थानों पर खड़े होकर जेपीसी की मांग का समर्थन कर रहे थे. इसके बाद उपसभापति ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी.

लोकसभा में भी लगातार पाँचवे दिन सदन की कार्यवाही नहीं चल पाई.

सदन की कार्यवाही शुरु होते ही भाजपा, शिवसेना और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य नारे लगाते हुए अध्यक्ष के आसन के आसपास जमा हो गए.

विपक्षी दल के सदस्यों के नारों के बीच सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.

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