चीन संयु्क्त सैन्य अभ्यास पर चिंतित

उत्तर कोरिया की गोलाबारी के बाद टापू का दृश्य

कोरियाई प्रायद्वीप में गोलाबारी और भीषण तनाव के बाद चीन ने दक्षिण कोरिया और अमरीका के प्रस्तावित संयुक्त सैन्य अभ्यास के बारे में चिंता जताई है.

कुछ ही दिन पहले उत्तर कोरिया ने एक दक्षिण कोरियाई टापू पर तोप के गोले बरसाए थे जिससे कुछ सैनिक मारे गए थे. अनेक सैनिक और आम नागरिक घायल हुए थे और कई घर तबाह हो गए थे.

दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला था जिसके बाद दक्षिण कोरिया ने घोषणा की थी कि वह अमरीका के साथ संयुक्त तौर पर इस सप्ताह के अंत में सैन्य अभ्यास करेगा.

इस पर चीन ने चिंता जताई है और चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने दोनों पक्षों से सब्र से काम लेने को कहा है.

उधर दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने कहा है कि अमरीका उनसे सहमत है इस सैन्य अभ्यास से उत्तर कोरिया को स्पष्ट संदेश दिया जाए.

दक्षिण कोरिया ने अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव और जिस टापू पर हमला हुआ था उस पर सैनिकों की संख्या बढ़ाने के बारे में बात की है.

बीबीसी के कूटनीतिक संवाददाता जोनाथन मार्कस का कहना है, "प्रस्तावित सैन्य अभ्यास बहुत महत्वपूर्ण है जिससे (उत्तर कोरिया को) दक्षिण कोरिया और अमरीका के करीबी सामरिक संबंधों का एहसास हो सके. यहाँ पर भी सभी रास्ते चीन से होकर जाते हैं क्योंकि केवल चीन ही ऐसा देश है जिसके उत्तर कोरिया के साथ संबंध हैं और उसी के रास्ते उत्तर कोरिया को संदेश दिया जा सकता है कि अमरीका और दक्षिण कोरिया इस मुद्दे पर गंभीर हैं."

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