बाघों को बचाने के लिए 1500 करोड़

बाघ

दुनिया का पहला बाघ सम्मेलन इस वादे के साथ ख़त्म हुआ कि इस विलुप्त होते प्राणी को बचाने के लिए दानदाताओं से 33 करोड़ डॉलर (लगभग 15 सौ करोड़ रुपए) की राशि जुटाई जाएगी.

यह सम्मेलन रूस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन ने आयोजित किया था.

इस सम्मेलन में विश्व बैंक के प्रमुख सहित उन देशों के शीर्ष अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था जहाँ बाघों पाए जाते हैं.

उल्लेखनीय है कि पिछले सौ सालों में बाघों की संख्या एक लाख से घटकर साढ़े तीन हज़ार से भी कम रह गई है.

जागरुकता

व्लादिमीर पुतिन का उद्देश्य एक पंचवर्षीय योजना बनाकर बाघों को बचाने के लिए राजनीतिक और आर्थिक समर्थन जुटाना था. वे इससे दुनिया की नामचीन हस्तियों को जोड़ना चाहते थे जिससे कि लोगों में जागरुकता पैदा की जा सके.

दुनिया में, ख़ासकर भारत में अवैध शिकार की वजह से दुनिया में बाघों की संख्या अब साढ़े तीन हज़ार के आसपास रह गई है और यह संख्या लगातार कम हो रही है.

Image caption चमड़े से लेकर विभिन्न अंगों के व्यापार के लिए बाघ का अवैध शिकार पिछले एक दशक में बहुत बढ़ा है

पिछले एक दशक में ही बाघों की संख्या में इसमें लगभग 40 फ़ीसदी की कमी आई है.

कहा जा रहा है कि यदि स्थिति रही तो अगले बीस सालों में जंगलों में बाघ ख़त्म हो जाएँगे.

दुनिया के जिन तेरह देशों में बाघ हैं वे चाहते हैं कि बाघों का शिकार रोका जाए और उनकी संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जाएँ.

अब उनके पास यह काम करने के लिए 33 करोड़ डॉलर की राशि का आश्वासन है लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि जब तक नीतियों पर अमल करना शुरु नहीं किया जाएगा, बाघ मारे जाते रहेंगे.

इन तेरह देशों के प्रतिनिधियों ने बाघ को विलुप्त होने से बचाने की योजना का समर्थन किया है.

रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में यह फ़ैसला किया गया है कि वर्ष 2022 तक बाघों की संख्या दोगुनी करने पर सहमति बनी है.

ये देश अब अपना ध्यान बाघों के पर्यावास को बचाया जा सके, अवैध शिकार को रोका जा सके और इस योजना को लागू करने के लिए आर्थिक सहायता जुटाई जा सके.

उम्मीद

संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) का कहना है कि सेंट पीटर्सबर्ग के इस सम्मलेन से एशिया के इस अनोखे प्राणी को बचाने के लिए आपसी सहयोग बढ़ेगा.

यूएनईपी की कार्यकारी सचिव एलिज़ाबेथ मारुमा मरेमा ने कहा है, "अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जहाँ बाघ रहते हैं उन इलाक़ों को बचाना वैश्विक सहयोग की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण क़दम होगा."

इस सम्मेलन के बाद सभी देश मिलकर एक कार्ययोजना तैयार करेंगे.

वे एक ऐसी संस्था की स्थापना के बारे में भी विचार करेंगे जो इस सम्मलेन के घोषणा पत्र को अमल में लाने की दिशा में काम कर सके.

वाइल्डलाइफ़ कंज़र्वेशन सोसायटी के मुख्य संरक्षण अधिकारी जॉन रॉबिन्सन कहते हैं, "सेंट पीटर्सबर्ग में मैंने दुनिया के बचे हुए बाघों की दहाड़ साफ़ सुनी है."

वाइल्डलाइफ़ कंज़र्वेशन सोसायटी उन संस्थाओं में से एक है जो संरक्षण को लेकर राशि जुटाने की कोशिश कर रही है.बाघों के संरक्षण के लिए उसने दस सालों की अवधि में पाँच करोड़ डॉलर से अधिक की राशि जुटाने का वादा किया है.

इस मामले में विश्व बैंक और कार्पोरेट सेक्टर ने भी काफ़ी दिलचस्पी दिखाई है.

हॉलीवुड अभिनेता लियोनार्डो डीकैप्रियो ने दस लाख डॉलर का अनुदान देने की घोषणा की है.

वे अपने विमान में आई ख़राबी के बावजूद इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सेंट पीटर्सबर्ग पहुँचे थे.

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