'सऊदी अरब ने ईरान पर हमले का अनुरोध किया था'

विकीलीक्स
Image caption विकीलीक्स पर दस्तावेज़ न जारी करने का दबाव था.

गोपनीय जानकारी सार्वजनिक करने वाली वेबसाइट विकीलीक्स ने इस बार अमरीकी दूतावासों की ओर से भेजे गए क़रीब ढाई लाख संदेशों को जारी किया है.

अमरीकी सरकार की तमाम आपत्तियों के बावजूद विकीलीक्स ने ये जानकारी सार्वजनिक की है. इन जानकारियों में अरब देशों का भी ज़िक्र है.

इसमें बताया गया है कि सऊदी अरब के शाह ने अमरीका से ईरान पर हमला करने का अनुरोध किया था और उनके परमाणु कार्यक्रमों को ख़त्म करने की अपील की थी.

क्या है विकीलीक्स

दस्तावेज़ों के मुताबिक़ सऊदी शाह ने कहा था- साँप का सिर काट दो. ऐसी ही कुछ अपील बहरीन के राजा ने भी की थी. उन्होंने अमरीका से अपील की थी कि वे किसी भी तरह ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को ख़त्म करे.

ताज़ा जानकारी में अमरीका की उन चिंताओं को सार्वजनिक किया गया है, जो दुनियाभर के कई देशों से जुड़ी हुई है और अमरीका को भी परेशान करती है.

चिंता

इनमें पाकिस्तानी परमाणु सामग्रियों की सुरक्षा को लेकर अमरीका की चिंता का ज़िक्र है, जिसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है.

चीन सरकार की ओर से हैकिंग के इस्तेमाल की ख़बर का भी इसमें ज़िक्र है.

'सांप का सिर काटें'

लीक हुए दस्तावेज़ विस्तार से कई अख़बारों में छपे हैं, जिनमें न्यूयॉर्क टाइम्स और गार्डियन भी शामिल हैं. इस दस्तावेज़ों की प्रमुख बातें....

1. ईरान उत्तर कोरिया रॉकेट हासिल करने की कोशिश में है ताकि लंबी दूरी की मिसाइलों के लिए इस्तेमाल हो सके.

2. अफ़ग़ानिस्तान सरकार के अंदर भ्रष्टाचार से चिंता. चिंता उस समय बढ़ी जब एक वरिष्ठ अधिकारी ने पाँच करोड़ डॉलर से ज़्यादा की राशि लेकर एक बार विदेश यात्रा की.

3. ग्वांतानामो बे क़ैदी शिविर को खाली करने पर मोल-भाव. स्लोवेनिया के राजनयिकों से तो यहाँ तक कहा गया है कि अगर वे राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ बैठक चाहते हैं तो उन्हें एक रिहा क़ैदी को लेना पड़ेगा.

4. वर्ष 2007 में जर्मनी को इसकी चेतावनी दी गई कि वो सीआईए के अधिकारियों की गिरफ़्तारी के वारंट पर अमल न करे. इन अधिकारियों पर आरोप था कि वे उस कार्रवाई में शामिल थे, जिसमें एक संदिग्ध चरमपंथी से मिलते नाम के कारण एक जर्मन नागरिक को अगवा करके अफ़ग़ानिस्तान में रखा गया.

5. विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने संयुक्त राष्ट्र नेतृत्व की जासूसी के लिए अमरीकी अधिकारियों को निर्देश दिए.

6. रूस के प्रधानमंत्री व्लादीमिर पुतिन और इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के बीच गहरे रिश्ते.

7. रूसी सरकार और संगठित अपराधियों के बीच कथित संबंध.

8. यमन के राष्ट्रपति की अमरीका के मध्य-पूर्व के कमांडर जनरल डेविड पेट्रियस से बातचीत, जिसमें उन्होंने यमन स्थित अल क़ायदा के ठिकानों पर हमले के बारे में बात की और कहा- हम ये बात कहना जारी रखेंगे कि बम हमारे हैं आपके नहीं.

9. ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन समेत ब्रितानी राजनेताओं की आलोचना.

10. लेबनान के हिज्बुल्ला को हथियार सप्लाई करने से सीरिया को रोकने की अमरीका की लड़खड़ाती कोशिश.

निजी जानकारियां

Image caption ईरान के परमाणु कार्यक्रमों पर कई अरब देशों की चिंताओं का ज़िक्र है

विकीलीक्स के इन दस्तावेज़ों में विश्व के कई नेताओं के बारे में निजी जानकारियां भी शामिल हैं.

अमरीकी अधिकारियों ने इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी को कमज़ोर और अप्रभावी बताया. फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सारकोज़ी को कई मायनों में दबंग किस्म का बताया गया. दस्तावेज़ों के अनुसार अमरीकी अधिकारी अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई को बेहद कमज़ोर और षड्यंत्रकारी मानते हैं.

यहां तक की अमरीका के एक कूटनीतिज्ञ ने लीबिया के नेता कर्नल मुअम्मार गद्दाफ़ी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वो हमेशा यूक्रेन की एक आकर्षक नर्स के साथ यात्रा करते हैं.

अमरीका ने इन जानकारियों को सार्वजनिक करने की आलोचना की है. अमरीका ने पहले भी विकिलीक्स से अपील की थी कि वो ऐसी जानकारियाँ सार्वजनिक न करे.

लेकिन इन जानकारियों के लीक होने के बाद व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी करके इसकी आलोचना की है.

व्हाइट हाउस ने कहा, "राष्ट्रपति बराक ओबामा देश-दुनिया में विश्वसनीय, ज़िम्मेदारीपूर्ण और पारदर्शी सरकार का समर्थन करते हैं. लेकिन इस ग़ैर ज़िम्मेदारी वाले और ख़तरनाक क़दम से इस लक्ष्य को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. हम इन गोपनीय जानकारियों को सार्वजनिक करके के फ़ैसले की कड़ी आलोचना करते हैं."

लेकिन विकीलीक्स के संस्थापक जुलियन असांजे का तर्क है कि अमरीकी अधिकारी अपने कामों की ज़िम्मेदारी स्वीकार करने से डरते हैं.

इससे पहले भी विकीलीक्स ने इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी नीतियों से संबंधित दस्तावेज़ लीक किए थे.

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