उत्तरी कोरिया का हमला 'अमानवीय'

ली म्यूंग-बाक
Image caption ली म्यूंग-बाक ने उत्तरी कोरिया के हमले की कड़ी निंदा की है.

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्यूंग-बाक ने पहली बार उत्तर कोरिया के हमले पर सार्वजनिक तौर पर टिप्पणी करते हुए इस हमले को 'अमानवीय' करार दिया है.

पिछले हफ्ते उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर 200 ज़्यादा गोले दागे थे जिसमें दक्षिण कोरिया के चार लोग मारे गए थे.

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा, ''आम नागरिकों पर सैन्य हमले करना अमानवीय अपराध है और युद्ध के दौरान ऐसा करने की मनाही है. मैं उत्तर कोरिया की क्रूरता पर नाराज़गी ज़ाहिर किए बगैर नहीं रह सकता.''

मंगलवार को हुए हमलों के बाद पहली बार टेलीविज़न पर प्रसारित किए गए अपने संदेश में ली म्यूंग-बाक ने कहा है कि अपने लोगों की सुरक्षा कर पाने में विफल रहने का उन्हें गहरा अफ़सोस है और वो इसकी ज़िम्मेदारी लेते हैं.

उन्होंने कहा कि अगर उत्तरी कोरिया ने फिर ऐसा कुछ किया तो उसे इसकी क़ीमत चुकानी होगी.

हालांकि राष्ट्रपति ने इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि अगर ऐसा हमला फिर होता है तो दक्षिण कोरिया किस तरह से उसका जवाब देगा.

सिओल में बीबीसी के संवाददाता का मानना है कि राष्ट्रपति ने अपने भाषण में बेहद कड़े शव्दों का इस्तेमाल किया.

दक्षिण कोरिया में विपक्ष ने इस हमले को लेकर राष्ट्रपति और उनकी सरकार की आलोचना की है.

विपक्ष की आलोचना

विपक्ष का मानना है कि उत्तर कोरिया की कार्रवाई पर सरकार का रुख कमज़ोर रहा है.

इलाके में तनाव को कम करने के उद्देश्य से चीन ने एक आपात बैठक बुलाने की माँग की है और इसके एक दिन बाद राष्ट्रपति की ये प्रतिक्रिया आई है.

चीन का प्रस्ताव है कि परमाणु निरस्त्रीकरण के मुद्दे पर जो छह देश उत्तर कोरिया से वार्त्ता करते आए हैं, उन्हें दिसंबर में फिर मुलाक़ात करनी चाहिए.

इस वार्त्ता में उत्तर और दक्षिण कोरिया के अलावा अमरीका, चीन, जापान और रूस शामिल हैं.

इस बीच कोरियाई प्रायद्वीप के समुद्र में दक्षिणी कोरिया और अमरीका के समुद्री बेड़े युद्धाभ्यास जारी रखे हैं और इसे लेकर क्षेत्र में तनाव है.

उत्तर कोरिया ने इसकी निंदा की है और इस अभ्यास को एक भड़काने वाली गंभीर घटना बताया है.

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