विकीलीक्स का अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर हमला: हिलेरी

विकीलीक्स

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने विकीलीक्स के गोपनीय सामग्री को सार्वजनिक करने की कड़ी आलोचना की है और इसे ग़ैरक़ानूनी क़रार दिया है.

उनका कहना था कि गोपनीय सामग्री जारी करना दुनिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने वाले अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर हमला है.

हिलेरी क्लिंटन का कहना था कि अमरीका उन लोगों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई करेगा जिन्होंने ये सूचनाएँ विकीलीक्स तक पहुँचाई हैं.

इसके पहले विकीलीक्स पर जारी दस्तावेज़ों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने व्यर्थ की शरारत क़रार दिया था.

इन दस्तावेज़ों में से एक में ये कहा गया है कि सऊदी अरब ने अमरीका से अनुरोध किया था कि वह ईरान पर हमला करके उसके परमाणु संयंत्रों को नष्ट कर दे.

लेकिन अहमदीनेजाद ने कहा है कि इसकी वजह से ईरान के संबंध अरब में अपने पड़ोसियों से ख़राब नहीं होंगे.

क्या है विकीलीक्स

यूरोपीय देशों ने इन दस्तावेज़ों को ख़तरनाक बताया है लेकिन कहा है कि इससे अमरीका के साथ उनसे संबंधों पर असर नहीं पड़ेगा.

इस बीच अमरीका ने विकीलीक्स के दस्तावेज़ों से संभावित नुक़सान को कम करने की कोशिशों में जुट गया है.

उल्लेखनीय है कि वेबसाइट विकीलीक्स ने सोमवार को दस्तावेज़ जारी किए हैं जिसमें अमरीका के लाखों संदेशों का ब्यौरा है.

इनमें अमरीकी राजनयिक दुनिया के विभिन्न देशों के नेताओं के बारे में अपनी राय दे रहे हैं.

अमरीका इन दस्तावेज़ों के जारी होने से पहले ही यह चिंता ज़ाहिर कर चुका है कि इससे दुनिया भर के कूटनीतिक संबंधों में खटास आ सकती है.

'अमरीका ने लीक करवाए'

लीक किए गए दस्तावेज़ में बताया गया है कि सऊदी अरब के शाह ने अमरीका से ईरान पर हमला करने का अनुरोध किया था और उनके परमाणु संयंत्रों को ख़त्म करने की अपील की थी.

दस्तावेज़ों के मुताबिक़ सऊदी शाह ने कहा था- साँप का सिर काट दो.

ऐसी ही कुछ अपील बहरीन के राजा ने भी की थी.

लेकिन इसकी प्रतिक्रिया में ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने दस्तावेज़ों को व्यर्थ की शरारत कह दिया है.

उन्होंने कहा है कि ये दस्तावेज़ अमरीका ने ख़ुद लीक करवाए हैं और यह उनकी ख़ुफ़िया युद्धनीति का हिस्सा है.

लेकिन इसराइल ने दस्तावेज़ों में प्रकाशित सामग्री का स्वागत किया है.

इसराइली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इससे ईरान के प्रति इसराइली नीति की पुष्टि होती है.

लेकिन पाकिस्तान ने अमरीका की इस चिंता की निंदा की है कि संवर्धित यूरेनियम का उपयोग अवैध हथियार बनाने के लिए हो सकता है.

यूरोप चिंतित

फ़्रांस ने विकीलीक्स पर दस्तावेज़ों के प्रकाशन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह कूटनीतिक संस्थानों के लिए ख़तरा हैं. लेकिन उसने कहा है कि वह अमरीका के साथ है.

इन दस्तावेज़ों में बताया गया है कि कैसे अमरीकी दूतावास के लिए जासूस जर्मनी की राजनीतिक गतिविधियों की टोह लेते रहे और चांसलर एंगेला मर्केल की निंदात्मक छवि पेश की.

'सांप का सिर काटें'

इन दस्तावेज़ों के लीक होने पर इटली ने कहा है कि ये वैश्विक कूटनीति के लिए 9/11 जैसा है.

ग़ौरतलब है कि गोपनीय जानकारी सार्वजनिक करने वाली वेबसाइट विकीलीक्स ने इस बार अमरीकी दूतावासों की ओर से भेजे गए क़रीब ढाई लाख संदेशों को जारी किया है.

अमरीकी सरकार की तमाम आपत्तियों के बावजूद विकीलीक्स ने ये जानकारी सार्वजनिक की है.

प्रतिक्रियाएँ

इनमें पाकिस्तानी परमाणु सामग्रियों की सुरक्षा को लेकर अमरीका की चिंता का ज़िक्र है, जिसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में हो सकता है.

Image caption ईरान के राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने कहा है कि इसकी वजह से ईरान के संबंध अरब में अपने पड़ोसियों से ख़राब नहीं होंगे.

चीन सरकार की ओर से हैकिंग के इस्तेमाल की ख़बर का भी इसमें ज़िक्र है.

लीक हुए दस्तावेज़ विस्तार से कई अख़बारों में छपे हैं, जिनमें न्यूयॉर्क टाइम्स और गार्डियन भी शामिल हैं. इस दस्तावेज़ों की प्रमुख बातें....

1. ईरान उत्तर कोरिया रॉकेट हासिल करने की कोशिश में है ताकि लंबी दूरी की मिसाइलों के लिए इस्तेमाल हो सके.

2. अफ़ग़ानिस्तान सरकार के अंदर भ्रष्टाचार से चिंता. चिंता उस समय बढ़ी जब एक वरिष्ठ अधिकारी ने पाँच करोड़ डॉलर से ज़्यादा की राशि लेकर एक बार विदेश यात्रा की.

3. ग्वांतानामो बे क़ैदी शिविर को खाली करने पर मोल-भाव. स्लोवेनिया के राजनयिकों से तो यहाँ तक कहा गया है कि अगर वे राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ बैठक चाहते हैं तो उन्हें एक रिहा क़ैदी को लेना पड़ेगा.

4. वर्ष 2007 में जर्मनी को इसकी चेतावनी दी गई कि वो सीआईए के अधिकारियों की गिरफ़्तारी के वारंट पर अमल न करे. इन अधिकारियों पर आरोप था कि वे उस कार्रवाई में शामिल थे, जिसमें एक संदिग्ध चरमपंथी से मिलते नाम के कारण एक जर्मन नागरिक को अगवा करके अफ़ग़ानिस्तान में रखा गया.

5. विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने संयुक्त राष्ट्र नेतृत्व की जासूसी के लिए अमरीकी अधिकारियों को निर्देश दिए.

6. रूस के प्रधानमंत्री व्लादीमिर पुतिन और इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के बीच गहरे रिश्ते.

7. रूसी सरकार और संगठित अपराधियों के बीच कथित संबंध.

8. यमन के राष्ट्रपति की अमरीका के मध्य-पूर्व के कमांडर जनरल डेविड पेट्रियस से बातचीत, जिसमें उन्होंने यमन स्थित अल क़ायदा के ठिकानों पर हमले के बारे में बात की और कहा- हम ये बात कहना जारी रखेंगे कि बम हमारे हैं आपके नहीं.

9. ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन समेत ब्रितानी राजनेताओं की आलोचना.

10. लेबनान के हिज्बुल्ला को हथियार सप्लाई करने से सीरिया को रोकने की अमरीका की लड़खड़ाती कोशिश.

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