‘कर बढ़ाए, खर्चों में कटौती करे अमरीका’

Image caption समिति ने माना कि इन सुझावों को लागू करना बेहद मुश्किल होगा लेकिन इसके लिए कोई आसान तरीका नहीं है.

अमरीका के वित्तीय घाटे को कम करने के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय समिति ने करों में बढ़ोतरी और ख़र्चों में भारी कटौती की पैरवी की है.

इस प्रस्ताव के तहत सामरिक, सामाजिक सुरक्षा और दूसरे क्षेत्रों में होने वाले खर्च में कटौती के ज़रिए 2020 तक वित्तीय घाटे को कुल 4.1 खरब डॉलर कम किया जा सकेगा.

हालांकि जानकारों का कहना है कि इस बात की उम्मीद कम है कि मतदान के ज़रिए इन प्रस्तावों को मंजूर कराया जाएगा.

प्रस्ताव में कहा गया है, ''इन सुझावों को लागू करना बेहद मुश्किल होगा. इसके लिए कोई आसान तरीका नहीं है.''

कड़े कदम

सितंबर 2010 तक खत्म होने वाले साल में अमरीका में 1.3 खरब का वित्तीय घाटा दर्ज किया गया है. जानकारों का कहना है कि घाटे को कम करने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए.

वाशिंगटन से बीबीसी संवाददाता पॉल एडम्स के अनुसार इस आयोग में शामिल सभी सदस्य इस बात पर एकमत थे कि अमरीका कि संपन्नता और विश्व में उसकी साख को देश में पैदा हो रहे आर्थिक संकट से भारी खतरा है.

आयोग में शामिल बड़े स्तर के एक व्यापारी डेविड कोट ने कहा, '' आज से 2010 साल पहले जब क्राइस्ट का जन्म हुआ तब से लेकर आज तक हर दिन अगर हमने दस लाख डॉलर खर्च किए होते तब भी हमारा खर्च उतना न होता जितना हमारे सालाना ब्याज का खर्च है.''

अलग राय

हालांकि अमरीका को इस संकट से निकालने को लेकर जानकारों का राय अलग-अलग हैं.

रिपब्लिकन पार्टी व्यापक स्तर पर करों में बढ़ोत्तरी नहीं चाहती जबकि डेमोक्रेट्स का मानना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में कटौती कर अमरीका के ज़रूरतमंद तबके पर अत्यधिक दवाब पड़ेगा.

इससे पहले राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमरीका के संघीय कर्मचारियों के वेतन में दो सालों तक वृद्धि नहीं करने के प्रस्ताव दिया था.

ओबामा ने कहा कि मौजूदा वित्तीय संकट से निपटने के लिए जो त्याग किए जाने की ज़रूरत है, उसमें केंद्रीय कर्मचारियों को अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए.

प्रमुख सुझाव

माना जा रहा है ओबामा जिस तरह इस संकट से उबरने की कोशिश कर रहे हैं वह हाल ही में हुए मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की हार की एक बड़ी वजह है.

रिपब्लिकन पार्टी के एक पूर्व सांसद एलन सिंपसन की सह-अध्यक्षता में बनाई गई इस समिति के प्रमुख सुझाव हैं.

समिति का कहना है कि संपन्न वर्ग के अमरीकियों के पेंशन प्लान और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में कटौती की जाए, व्हाइट हाउस और संसद के बजट में भी 15 फीसदी की कटौती की जाए. पेट्रोल पर लगने वाले कर में 15 सेंट्स प्रति गैलन की दर से बढ़ोत्तरी हो, सरकारी वेतन में कटौती हो और नौकरियों में कमी लाई जाए और अमरीकी कर व्यवस्था के तहत उद्योगों को दी जाने वाली सब्सि़डी को खत्म किया जाए.

    इन सुझावों को लेकर समिति के अध्यक्ष बोलेस ने कहा, ''ऋण घाटे और उसके प्रभावों को नज़रअंदाज़ करने का समय अब खत्म हो चुका है. हमने एक महत्वपूर्ण चर्चा छेड़ी है और ये बहस तब तक जारी रहेगी जब तक हमरा नेतृत्व कोई ठोस कदम नहीं उठाता.''

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