जापान-अमरीका का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास

Image caption दक्षिण कोरिया पर हमले के बाद जापान लगातार इस क्षेत्र के हर घटनाक्रम पर नज़र रखे हुए है.

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया में बढ़ते तनाव के बीच जापान और अमरीका ने अबतक का सबसे बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है.

कोरियाई प्रायद्वीप में पनप रही अशांति और तनाव के बीच इस सैन्य अभ्यास का मकसद है प्रशांत क्षेत्र के सहयोगियों के बीच एकता का प्रदर्शन.

जापान के दक्षिणी द्वीपों के पास हो रहे इस सैन्य अभ्यास में 44 हज़ार से ज़्यादा जापानी और अमरीकी सैन्य अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं.

ये अभ्यास अमरीका और जापान के रिश्तों के पचास साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित हो रहे हैं.

इसमें जापान के 40 और अमरीका के 20 युद्धपोत हिस्सा ले रहे हैं.

इसके अलावा चार सौ लड़ाकू हवाई जहाज़ भी तैनात किए गए हैं.

इसमें 34 हज़ार जापानी और 10 हज़ार अमरीकी सैन्य अधिकारी शामिल हैं.

घटनाक्रम पर नज़र

जापान, अमरीका और दक्षिण कोरिया के बीच एकता के प्रदर्शन के तौर पर दक्षिण कोरिया के पर्यवेक्षक भी इस युद्धाभ्यास के दौरान पहली दफ़ा मौजूद हैं.

इस अभ्यास के दस दिन पहले ही उत्तरी कोरिया ने दक्षिण कोरिया के एक द्वीप पर बम के गोले बरसाए थे. इस घटना में 4 लोगों की मृत्यु हो गई थी.

इस हमले के बाद से जापान लगातार इस क्षेत्र के हर घटनाक्रम पर नज़र रखे हुए है.

जापान के प्रधानमंत्री नाओतो कैन ने अपने मंत्रियों को आदेश दिए कि वो तनाव से संबंधित सूचनाएँ इकट्ठा करने की प्रक्रिया तेज़ कर दें और किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहें.

कोरियाई प्रायद्वीप में व्याप्त इसी तनाव के बीच अमरीका और दक्षिण कोरिया ने भी संयुक्त सैन्य अभ्यास किए जिसका उत्तरी कोरिया ने विरोध किया.

इस अभ्यास को 'कीन स्वॉर्ड ड्रिल' का नाम दिया गया है और उत्तरी और दक्षिण कोरिया के बीच पैदा हुए हाल के तनाव के पहले ही इसके आयोजन का कार्यक्रम तैयार हो चुका था.

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