क्या होगा बातचीत का रुख

सार्कोज़ी-ब्रूनी

फ्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी चार दिनों की अपनी भारत यात्रा पर इस दौरान दिल्ली में हैं.

सोमवार को दोनों देशों के बीच कुछ महत्वपूर्ण समझौतों और मसलों पर बातचीत का दौर है.

माना जा रहा है कि बातचीत के एजेंडा पर परमाणु ऊर्जा और रक्षा समझौते प्रमुख हैं.

भारत और फ़्रांस के बीच पिछले कुछ सालों में परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, रक्षा, प्रौद्योगिकी तथा व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में अहम समझौते हुए हैं.

सार्कोज़ी के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में उनके मंत्रीमंडल के छह मंत्री और फ़्रांस की अलग अलग कंपनियों के कम से कम 70 मुख्य कार्यकारी शामिल हैं.

सोमवार को हो रही बातचीत के दौरान भारत में परमाणु ऊर्जा के विकास के लिए परमाणु भट्टी बनाने में फ़्रांस के सहयोग पर बातचीत की संभावना है.

माना जा रहा है कि फ़्रांस और भारत समझौते के एक ऐसे ढांचे पर हस्ताक्षर कर सकते हैं जिससे फ़्रांस, भारत को दो परमाणु भट्टियाँ बेच पाएगा.

लेकिन इस समझौते को पूरी तरह लागू होने में और छह महीने लग सकते हैं.

सार्कोज़ी फ़्रांस की परमाणु कंपनी आरेवा के लिए भारत के साथ नौ अरब डॉलर से ज़्यादा की रकम का ये समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं.

आरेवा ने इस बाबत भारत के 'न्यूक्लियर पॉवर कॉर्प ऑफ़ इंडिया' के साथ एक सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं. भारत ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है.

इस विषय पर 'द हिंदू' अख़बार के संदीप दीक्षित का कहना है, ''जो पहला परमाणु ऊर्जा क़रार हुआ था वो फ़्रांस के साथ ही हुआ था. ये अमरीका के साथ हुए क़रार से कहीं ज़्यादा दूरगामी था और इसमें वो शर्त्तें भी नहीं थीं जो अमरीका ने लगाईं थीं. फ़्रांस और भारत उसी क़रार को इस यात्रा के दौरान आगे बढ़ाना चाहेंगे.''

रक्षा समझौते

फ़्रांस भारत के साथ कुछ महत्त्वपूर्म रक्षा समझौते करने का इच्छुक भी है.

सार्कोज़ी चाहेंगे कि वो भारत में विस्तार कर रहे रक्षा बाज़ार का एक बड़ा हिस्सा अपने देश की कंपनियों को दिलवाएँ.

इसमें भारतीय वायु सेना को 126 लड़ाकू जेट विमान बेचने और 51 मिराज 2000 विमानों के आधुनिकीकरण का प्रस्ताव शामिल है.

माना जा रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ अपनी बातचीत में सार्कोज़ी विश्व की आर्थिक व्यवस्था में सुधार लाने के विषय पर बातचीत करेंगे.

फ़्रांस इस समय विकसित और विकासशील देशों के समूह जी-20 का नेतृत्व कर रहा है.

यात्रा

सार्कोज़ी की भारत यात्रा बैंगलौर से शुरू हुई जहाँ उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता के प्रस्ताव का समर्थन किया.

सार्कोज़ी ने दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग की सराहना की.

इसकी वजह से दोनों देश ऐसे सैटेलाइट लॉंच कर पाएँगे जो पर्यावरण और समुद्र की निगरानी कर उनपर शोध करेंगे.

उन्होंने फ़्रांस में शिक्षा प्राप्त करने के लिए और ज़्यादा से ज़्यादा भारतीय छात्रों को आमंत्रित किया.

सार्कोज़ी मंगलवार को अपनी भारत यात्रा समाप्त करेंगे और उनका आख़िरी पड़ाव मुंबई होगा.

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