रुस के ख़िलाफ है नैटो: विकीलीक्स

Image caption अमरीका और नेटो के उसके सहयोगी देश ईरान को लेकर रुस का सहयोग चाहते हैं.

विकीलीक्स की ओर से जारी ताज़ा दस्तावेज़ों से पता चलता है कि अमरीका और नैटो में उसके सहयोगी देश, गोपनीय ढंग से बाल्टिक राष्ट्रों को रुस से बचाने की कोशिश करते रहे हैं.

पोलैंड सहित दूसरे कई बाल्टिक राष्ट्रों ने कई बार रुस के इस क्षेत्र पर बढ़ते प्रभुत्व और असुरक्षा पर चिंता ज़ाहिर की. ऐसे में रुस के किसी भी संभावित आक्रमण को रोकने के लिए नैटो की नौ टुकड़ियों को पूर्वी यूरोप के इन इलाकों में तैनात करने की योजना बनाई गई.

गुप्त योजना के तहत इन टुकड़ियों में अमरीका, ब्रिटेन और पोलैंड के सैनिकों की मौजूदगी रहेगी. सैन्य मौजूदगी की ये योजना किसी भी भावी रुसी आक्रमण को ध्यान में रखते हुए बनाई गई थी.

बीबीसी संवाददाता पीटर बिल्स के अनुसार रुस के साथ संबंध सुधारने की कवायद में जुटे अमरीका और नैटो रुस के पीठ पीछे पोलैंड समेत अन्य बाल्टिक राष्ट्रों जैसे लिथुएनिया, लातविया और इस्तोनिया पर रुस के आक्रमण को रोकने की तैयारी में जुटे हैं.

नाज़ुक समय

ये दस्तावेज़ ऐसे नाज़ुक समय में सामने आए हैं जब अमरीका और नैटो देश ईरान को लेकर रुस का सहयोग चाहते हैं.

ये गोपनीय दस्तावेज़ इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि इस सैन्य योजना को सार्वजनिक नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे बिना वजह रूस और नैटो के बीच तनाव पैदा हो सकता है.

इस साल नवंबर में लिस्बन में हुए नैटो सम्मेलन में रुस और नैटो ने लिखित तौर पर इस पर सहमति जताई है कि वो अब किसी भी रुप में एक दूसरे के लिए ख़तरा नहीं है.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी रुस और नैटो के बीच सहयोग और संबंधों के पुनर्जीवित होने पर खुशी ज़ाहिर की थी.

इस बीच विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज पर शिकंजा कसता जा रहा है.

असांज को गिरफ़ार करने के लिए एक वारंट ब्रिटेन के सुरक्षा अधिकारियों के पास पहुंच चुका है. स्वीडन के अधिकारी एक बलात्कार के मामले में असांज से पूछताछ करना चाहते हैं.

असांज इन आरोपों का खंडन कर चुके हैं.

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