बंग्लादेश उपद्रवों में तीन मरे, कई घायल

Image caption कपड़े बनाने वाली फ़ैक्टरियों में तीस लाख लोग काम करते हैं

बांग्लादेश में कपड़े बनाने वाली फ़ैक्टरियों के कर्मचारियों और पुलिस के बीच हुई झड़पों में कम से कम तीन व्यक्ति मारे गए हैं और दर्जनों घायल हुए हैं.

कपड़े बनाने वाले ये कर्मचारी बेहतर वेतन की मांग कर रहे हैं.

राजधानी ढाका और चटगांव में जमा हुए हज़ारों प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने लाठियों और आंसू गैस का प्रयोग किया.

शनिवार को दक्षिणी बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण फ़ैक्ट्रियाँ बंद कर दी गई थीं.

कर्मचारियों का कहना है कि उनकी वेतन वृद्धि नहीं हुई है जबकि उसे पिछले महीने से लागू हो जाना था.

पुलिस अधिकारी रज़ा अल हसन का कहना है कि जब प्रदर्शनकारियों ने चटगांव ऐक्सपोर्ट प्रोसेशन ज़ोन में फ़ैक्ट्रियों और वाहनों पर हमले शुरू किए तो पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की.

चटगांव में हुए विरोध प्रदर्शनों में कोई 50 लोग घायल हुए.

अब चटगांव ऐक्सपोर्ट प्रोसेशन ज़ोन की लगभग सभी फ़ैक्ट्रियां बंद हैं.

फ़ैक्ट्रियां बंद

ढाका स्थित बीबीसी के संवाददाता के अनुसार शनिवार को हुए प्रदर्शनों के कारण दक्षिण कोरिया की एक कंपनी को अपनी सभी 11 फ़ैक्ट्रियां बंद करनी पड़ीं.

राजधानी ढाका में भी बहुत से लोग घायल हुए, जब शहर के औद्योगिक क्षेत्र में बंद फ़ैक्ट्रियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने के लिए हज़ारों कर्मचारी इकट्ठा हुए.

पुलिस का कहना है कि ढाका के प्रमुख राजमार्ग पर अवरोध खड़े किए गए और कम से कम दो वाहनों को आग लगाई गई.

मज़दूर संगठनों का कहना है कि बहुत सी फ़ैक्ट्रियों ने सरकारी वेतन बोर्ड द्वारा घोषित नए वेतनमान को लागू नहीं किया है.

साल के शुरू में हुई इस घोषणा के अधीन नवंबर से कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन तीन हज़ार टाका प्रतिमाह किया जाना था.

बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग में 30 लाख लोग काम करते हैं जिनमें से अधिकांश महिलाएं हैं.

इन फ़ैक्ट्रियों में बनने वाले कपड़े पश्चिमी देशों की बड़ी-बड़ी दुकानों में बेचे जाते हैं.

इस उद्योग से बांग्लादेश काफ़ी विदेशी मुद्रा कमाता है.

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