निमोनिया का नया टीका

निमोनिया
Image caption दुनिया में निमोनिया से सबसे ज़्यादा पाँच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत हो जाती है.

रविवार को निमोनिया से लड़ने के लिए एक नये टीके का निकारागुआ में लॉन्च किया गया है.

इस टीके से निमोनिया के एक सबसे ख़तरनाक माने जानेवाले प्रकार, न्यूमॉकॉकल से लड़ने में आसानी होगी.

न्यूमॉकॉकल निमोनिया का एक जानलेवा प्रकार है.

न्यूमॉकॉकल के इस प्रकार से मेनिंजाइटिस यानि दिमागी बुख़ार और निमोनिया जैसी बिमारी होती है.

पूरी दुनिया में पाँच साल से कम उम्र के अधिकाशं बच्चों की मौत के लिए निमोनिया का ये प्रकार ज़िम्मेदार माना जाता है.

अगले साल से दुनिया के 40 विकासशील देशों में इस टीके की बिक्री शुरू हो जाएगी.

दान

अमीर देशों की तुलना में ये टीका विकासशील देशों में सस्ता मिलेगा.

इसका कारण एक ऐसी सहमति को बताया जा रहा है, जिससे इसकी फ़डिंग यानि दानप्रक्रिया आसान हो गई है.

विकसीत देशों में बच्चों को टीका देने वाली सूची में ये टीका हाल ही में शामिल किया गया है.

अब विकासशील देशों में भी बच्चे इस टीके का फ़ायदा उठा सकेंगें.

दरअसल ये टीका कई दान देने वाले देशों की कोशिशों का नतीजा माना जा रहा है. इसमें ब्रिटेन भी शामिल है.

इन देशों ने चार साल पहले इस टीके के लिए सहायता देने पर सहमति जताई थी.

इस सहमति से इस टीके को स्थायी बाज़ार मिलने की गांरटी तो मिली ही है, साथ ही ये बाज़ार में उपलब्ध इस टीके के दाम से कम में भी मिलेगा.

निकारागुआ

इस टीके के लॉन्च के लिए निकारागुआ को इसलिए चुना गया है क्योंकि इस बिमारी से मरने वाले बच्चों की संख्या यहाँ सबसे ज़्यादा है.

इसकी एक दूसरी वजह ये है कि निकारागुआ में इस टीके को उपलब्ध करवानें के लिए आधारभूत ढ़ाचा भी मौजूद है.

होंडूरास, कीनिया और सियरा लिओन इस टीके का फ़ायदा अगले साल से उठा सकेंगे.

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