चिदबंरम के बयान पर हंगामा

गृह मंत्री पी चिदंबरम
Image caption चिदंबरम की प्रवासियों पर दिए गए बयान की तीखी आलोचना हुई है.

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने दिल्ली में हाल के दिनों में हुई अपराध की घटनाओं के लिए दिल्ली में रह रहे प्रवासियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

उन्होंने कहा,"कुछ प्रवासी दिल्ली में अपराध करने की मंशा से ही रह रहें हैं और उनकी इस गतिविधि के लिए समाज में कोई जगह नहीं है."

इस बयान के बाद विपक्षी पार्टियों भाजपा, राष्ट्रीय जनता दल और समाजवादी पार्टी समेत कांग्रेस ने भी विरोध किया था.

विरोध के कारण बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफ़ाई देते हुए कहा कि दिल्ली में वे ख़ुद भी प्रवासी हैं.

पिछले दो महीने में हुई चार बलात्कार की घटनाओं पर पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए चिदंबरम ने दिल्ली में हो रही अपराध की घटनाओं के लिए प्रवासियों को ज़िम्मेदार ठहराया था.

उनका कहना था,"मैं दिल्ली में हुए हर अपराध की निंदा करता हूँ ख़ासतौर पर बलात्कार की घटनाओं की. बलात्कार और किसी की हत्या करना दोनों ही जघन्य अपराध हैं."

उनका कहना था, "अगर आप दिल्ली में हुई अपराध की घटनाओं से जुड़े आँकड़ो पर नज़र डालेगें तो पाएगें कि उसमें कमी आई है."

चिदंबरम ने कहा कि अपराध को रोकने के लिए पिछले दो सालों में पुलिस स्टेशनों की संख्या भी बढ़ाई गई है. उसके बावजूद अपराध की घटनाएँ हो रही हैं.

उनका कहना है ऐसा इसलिए है क्योंकि दिल्ली में कई जगह से लोग आते है. दिल्ली में कई कॉलोनियाँ है जहां ये लोग रहते हैं.ये लोग दिल्ली के उत्तर पश्चिम इलाकों में रहते हैं और इनका आचरण ऐसा है जिसके लिए आधुनिक शहरों में कोई जगह नहीं है.

आपत्तियाँ

चिदंबरम का ये बयान आते ही इसके ख़िलाफ़ राजनीतिक बयान आने शुरु हो गए.

मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने चिदंबरम के बयान को मौलिक अधिकारों के विरुद्ध बताया.

भाजपा के नेता शहनवाज़ हुसैन ने कहा,"चिदंबरम का बयान असफलता को दर्शाता है और ये दिल्ली में आए देशवासियों के ख़िलाफ़ है."

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव का कहना था,"चिदंबरम दिल्ली में हो रही अपराध की घटनाओं के लिए दूसरों को ज़िम्मेदार नहीं ठहरा सकते. दिल्ली सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में असफल रही है."

जनता दल(यू) के नेता शरद यादव ने इसे 'कच्चा बयान' बताया.

राजधानी दिल्ली में पिछले दो महीनों में चार बलात्कार की घटनाएँ हो चुकी है.

पिछले शनिवार को ही दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाक़े से एक 18 साल की लड़की की सामूहिक बलात्कार की घटना सामने आई थी. पुलिस का दावा है कि उसने इस सिलसिले में चार लोगों को गिरफ़्तार भी कर लिया है.

इससे पहले दिल्ली के धौला कु़आँ इलाके में एक बीपीओ में काम करने वाली महिला का गाड़ी में सामूहिक बलात्कार करने का मामला भी सामने आया था. इस सिलसिले में पाँच लोगों की गिरफ़्तारी हो चुकी है.

वहीं इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने भी हाल ही में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं.

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