कोर्ट ने कहा असांज को रिहा किया जाए

Image caption जेल जाते समय असांज की तस्वीर

लंदन में हाई कोर्ट ने कहा है कि विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज को ज़मानत पर रिहा किया जाए. कोर्ट ने स्वीडन के अभियोजन पक्ष की ये दलील ठुकरा दी कि असांज को जेल में ही रखना चाहिए.

माना जा रहा है कि अगर कागज़ी कार्रवाई पूरी हो गई तो उन्हें जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा. असांज के वकील मार्क स्टीफ़न्स ने कोर्ट के आदेश पर ख़ुशी जताई और कहा कि ज़मानत के ख़िलाफ़ दायर हुई याचिका 'स्वीडन की बदला' लेने की कार्रवाई की हिस्सा है.

जूलियन असांज को लंदन के निचले कोर्ट के एक जज ने 14 दिसंबर को ज़मानत दी थी लेकिन स्वीडन के अभियोजकों ने असांज को मिली ज़मानत को चुनौती दी थी और असांज को जेल में ही रहना पड़ा था.

असांज को कुछ दिन पहले लंदन में गिरफ़्तार कर लिया गया था. स्वीडन में असांज के ख़िलाफ़ बलात्कार समेत चार मामले हैं और स्वीडन के आग्रह पर उनके ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया गया था.

विकीलीक्स पर लाखों संवेदनशील दस्तावेज़ जारी करने के बाद से अमरीका उनसे काफ़ी नाराज़ है.

ज़मानत की शर्तों के तहत असांज को दो लाख पाउंड का मुचलका देना होगा और अपना पासपोर्ट भी सौंपना होगा. इसके अलावा असांज को इलेक्ट्रॉनिक टैग भी पहनना होगा.

पिछले हफ़्ते उन्हें ज़मानत नहीं दी गई थी हालांकि कई जानी मानी हस्तियाँ मुचलके की राशि देने के लिए आगे आई थीं.

असांज कहते आए हैं कि उनके ख़िलाफ़ लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.

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