समलैंगिक भर्ती हो सकेंगे अमरीकी फ़ौज में

समलैंगिकों के समर्थन में रैली

अमरीका में अब ज़ाहिर तौर पर समलैंगिकों की भर्ती का रास्ता खुल गया है.

देश की संसद के ऊपरी सदन ने शनिवार को उस क़ानून को खत्म कर दिया जिसके तहत ज़ाहिर तौर पर समलैंगिक स्त्री और पुरूष की सेना में भर्ती पर रोक थी.

सत्रह साल पहले, वर्ष 1993 में बने एक क़ानून के मुताबिक़ सेना में इस संबध में - 'डोन्ट आस्क, डोंट टेल' यानी 'न पूछें न बताएँ' की नीति अपनाई गई थी. इसके तहत यौन प्राथमिकताओं के संदर्भ में न तो सैनिकों से कोई सवाल किए जाते थे और न ही वो इस सिलसिले में खुलकर कोई बात करते थे.

नए क़ानून को सदन में 65 वोट प्राप्त हुए जबकि विरोध में पड़े मतों की संख्या 31 रही.

प्रतिनिधि सभा ने इस क़ानून को पहले ही अपनी मंज़ूरी दे दी थी.

ओबामा की प्राथमिकता

अमरीकी सैनिक

अमरीकी सेना प्रमुख और रक्षा मंत्री दोनों ने कहा था कि वे इस रोक को हटाने के पक्ष में हैं

इसके विरोधियों का कहना है कि समलैंगिकों की मौजूदगी युद्ध के दिनों में सैनिकों की मनोस्थिति को प्रभावित करेगी.

अब तक 13,000 ऐसे अमरीकी सैनिक फ़ौज से बर्खास्त किए जा चुके हैं जिन्होंने अपनी यौन प्राथमिकता का खुले तौर पर इज़हार किया था.

अपनी प्रतिक्रिया देते हूए राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि अब हज़ारों देशभक्त अमरीकियों को फ़ौज से महज़ इसीलिए नहीं अलग होना पड़ेगा क्योंकि वो समलैंगिक हैं.

राष्ट्रपति ओबामा पहले से इसके पक्ष में थे और पद संभालने के बाद उन्होंने इसे अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल कर रखा था.

नए क़ानून को लागू होने में कम से कम दो माह का समय लगेगा जिस दौरान रक्षा मंत्रालय को ये तय करना होगा कि इसे किस तरह लागू किया जाए.

इस माह के शुरूआत में पेंटागन की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि फ़ौज में समलैंगिकों की खुली मौजूदगी का असर इराक़ और अफ़गानिस्तान में लड़ रहे अमरीकी सैनिकों पर नहीं पड़ेगा.

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.