उत्तर कोरिया 'पवित्र युद्ध' के लिए तैयार

दक्षिण कोरियाई अभ्यास
Image caption लगातार सैन्य अभ्यास कर रहे दक्षिण कोरिया से संयम रखने की अपील की जा रही है

उत्तर कोरिया के सशस्त्र सेना मंत्री ने कहा है कि उनका देश दक्षिण कोरिया के विरूद्ध परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर एक पवित्र युद्ध करने के लिए तैयार है.

मंत्री किम योंग चुन ने कहा है कि उनकी सीमा के पास किए गए दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास उत्तर कोरिया से युद्ध की तैयारी के लिए किए गए.

उन्होंने दक्षिण कोरिया पर कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव भड़काने का आरोप लगाया.

उनका बयान उत्तर कोरियाई सीमा के पास दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास की समाप्ति के बाद आया जिसे उनके इतिहास के सबसे बड़े सैन्य अभ्यासों में गिना जा रहा है.

दक्षिण कोरिया इस वर्ष 47 सैन्य अभ्यास कर चुका है मगर अभी हुआ फ़ायरिंग अभ्यास जाड़े में ज़मीन पर किया गया उसका सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास था.

इससे पहले दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्यूंग बाक ने वादा किया कि यदि उत्तर कोरिया ने पिछले महीने की तरह उसकी सीमा के पास के एक द्वीप पर फिर से अचानक गोलाबारी की तो उसका तत्काल जवाब दिया जाएगा.

कोरियाई प्रायद्वीप में पिछले महीने दक्षिण कोरिया के द्वीप योनप्योंग पर उत्तर कोरिया की गोलाबारी के बाद से भारी तनाव बना हुआ है. गोलाबार में दक्षिण कोरिया के चार नागरिक मारे गए थे.

भड़काउ क़दम

उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरियाई सैन्य अभ्यासों को युद्धपिपासु बताया है लेकिन अभी तक उसने किसी तरह के जवाबी हमले की धमकी नहीं दी है.

उत्तर कोरियाई समाचार एजेंसी – कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी के अनुसार उत्तर कोरियाई सेनाओं के मंत्री किम योंग चुन ने दक्षिण कोरिया पर एक नए कोरियाई युद्ध की तैयारी करने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा,"दक्षिण कोरिया की कठपुतली सेनाओं ने पीले सागर में लड़ाई छेड़ने के लिए इन अभ्यासों के दौरान उत्तर कोरिया के विरूद्ध गोलाबारी कर गंभीर भड़काउ क़दम उठाया है.

"ये दिखाता है कि हमारे दुश्मन का क और कोरियाई युद्ध छेड़ने का इरादा अब लागू होने के दौर में पहुँच गया है. उत्तर कोरिया की सेनाएँ कोरियाई अंदाज़ में न्याय के लिए पवित्र युद्ध छेड़ने के लिए तैयार हैं जिसमें दुश्मन की हरकतों का सामना करने के लिए परमाणु हथियारों का भी इस्तेमाल किया जाएगा."

चीन और रूस ने दक्षिण कोरिया से तनाव को कम करने का आग्रह किया है और अमरीकी अधिकारियों ने भी निजी तौर पर दक्षिण कोरिया के इस नए आक्रामक तेवर को लेकर चिंता प्रकट की है.

कोरियाई मुद्दे को फिर से बातचीत की मेज़ पर लाने के प्रयास नाकाम रहे हैं.

चीन और उत्तर कोरिया कहते हैं कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के बारे में फिर से छह देशों की बातचीत के रास्ते पर लौटने का समय आ गया है.

मगर अमरीका, दक्षिण कोरिया और जापान ने इससे इनकार कर दिया है.

उत्तर कोरिया अप्रैल 2009 में बातचीत से बाहर निकल आया था और उसने अपने यहाँ से संयुक्त राष्ट्र के परमाणु हथियार निरीक्षकों को बाहर निकाल दिया.

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