बैग्बो पर पद से हटने का दबाव बढ़ा

लॉरेंट ग्बैगो
Image caption संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद ने आइवरी कोस्ट में चुनाव के बाद हुई हिंसा पर गहरी चिंता ज़ाहिर की है

आईवरी कोस्ट के केंद्रीय बैंक ने राष्ट्रपति पद के दो दावेदारों में से एक लोरांग बैग्बो का सरकारी धन पर से नियंत्रण ख़त्म कर दिया है.

इस देश में 28 नवंबर को हुए चुनाव में राष्ट्रपति लोरांग बैग्बो और उनके प्रतिद्वंद्वी अलासान वाएतरा दोनों ने ही जीत की दावेदारी की थी.

स्वतंत्र चुनाव आयोग ने अलासान वाएतरा को विजयी घोषित किया था, जिसका संयुक्त राष्ट्र ने भी समर्थन किया था.

लेकिन आईवरी कोस्ट की 'संवैधानिक परिषद' ने लोरांग बैग्बो को ये कहते हुए विजयी घोषित कर दिया था कि विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्र में चुनावों में भारी धांधली हुई है.

इसके बाद लोरांग बैग्बो से पद से हटने से मना कर दिया था. और तभी से आईवरी कोस्ट में गतिरोध बना हुआ है.

अलासान वाएतरा और लोरांग बैग्बो के बीच इस खींचतान में कई हिंसक वारदातें भी हुई हैं. आईवरी कोस्ट में एक बार फिर से गृह युद्ध छिड़ जाने की आशंका ज़ाहिर की जा रही है.

संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि आईवरी कोस्ट में हुई हिंसा में 170 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और 90 लोगों को प्रताड़ित भी किया गया है.

वित्तीय नियंत्रण ख़त्म

अब केद्रीय बैंक का ये क़दम को लोरांग बैग्बो को पद से हटाने के लिए वित्तीय और राजनीतिक दबाव के रूप में देखा जा रहा है.

बैंक के इस क़दम का सीधी अर्थ ये है कि उसने बैग्बो के प्रतिद्वंद्वी अलासान वाएतरा को राष्ट्रपति मान लिया है.

बैंक का कहना है कि अब वे लोरांग बैग्बो के प्रशासन को दिए जाने वाले फंड पर रोक लगा देंगे.

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद ने आईवरी कोस्ट में चुनाव के बाद हुई हिंसा पर गहरी चिंता ज़ाहिर की थी.

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