'संपत्ति ज़ब्त करने की मांग करेंगे'

ताजमहल होटल, मुंबई
Image caption मुंबई हमलों में मारे गए अमरीकी नागरिकों ने न्यूयॉर्क की एक अदालत में आईएसआई और लश्कर के ख़िलाफ़ मुकद्दमा दर्ज किया है.

मुंबई हमलों पर न्यूयॉर्क में आईएसआई के खिलाफ़ दायर मुक़दमे के वकील ने कहा है कि अगर आईएसआई ने अदालती समन का जवाब नहीं दिया तो वे अमरीका में मौजूद पाकिस्तानी संपत्ति को ज़ब्त करने की गुज़ारिश करेंगे.

पाकिस्तान की गुप्तचर संस्था आईएसआई और उसके मौजूदा निदेशक अहमद शुजा पाशा समेत कई अन्य अधिकारियों को ब्रुकलिन की अदालत ने समन जारी किए हैं.

अदालती समन के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ़ रज़ा गिलानी ने कहा था कि अगर आईएसआई और उसके अधिकारियों की मर्ज़ी नहीं होगी तो उन्हें किसी भी अमरीकी अदालत में कोई नहीं ले जा सकता.

इसके जवाब में मुंबई हमलों में मारे गए अमरीकियों के परिजनों के वकील जेम्स क्राईंडलर ने कहा कि अगर आईएसआई के अधिकारी अदालत में पेश ना हुए या अपना कोई प्रतिनिधि न भेजा तो वे अदालत से मांग करेंगे कि मुआवज़ा दिलवाने के लिए अमरीका में मौजूद पाकिस्तान की संपत्ति ज़ब्त कर ली जाए.

जेम्स क्राईंडलर कहते हैं, “जी हां, ये मुमकिन है कि हम पाकिस्तान की संपत्ति भी ज़ब्त करवाने की याचिका दें, वैसे यह ख़ासा मुश्किल काम होगा क्योंकि मुझे नहीं मालूम कि आईएसआई और लश्करे तैबा की संपत्ति अमरीका में कहां-कहां हैं और कैसे ज़ब्त की जा सकती है. जज को समझाने में भी मुश्किल पेश आएगी. लेकिन अगर ऐसी ही नौबत आती है तो हम ज़रूर अमरीका में मौजूद पाकिस्तान की संपत्ति क ज़ब्त भी करवाएंगे.”

क्या है मुक़दमा?

पिछले महीने ब्रुकलिन की अदालत में दायर मुक़दमे का मक़सद मुंबई हमलों में मारे गए अमरीकियों के परिवारों को मुआवज़ा दिलवाना है.

अदालती दस्तावेज़ों में उन हमलों का ज़िम्मेदार लश्कर-ए-तैबा को ठहराया गया है और आईएसआई पर यह इलज़ाम है कि उसने चरमपंथियों की मदद की और उनको हमले करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया.

इस सिलसिले में आईएसआई के मौजूदा निदेशक अहमद शुजा पाशा,आईएसआई के पूर्व निदेशक नदीम ताज, और आईएसआई के अधिकारी मेजर अली और मेजर इक़बाल के ख़िलाफ़ अदालती समन जारी किए जा चुके हैं.

इनके अलावा पाकिस्तान के चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैबा के ज़कीउर्रहमान लखवी और हाफ़िज़ सईद को भी अमरीकी अदालत में पेश होने को कहा गया है.

जेम्स क्राईंडलर कहते हैं, “हमें कोई आश्चर्य नहीं होगा अगर इनमें से कोई भी अदालत में न पेश हो लेकिन हमारा मुक़दमा जारी रहेगा.हम तो जज से यही मांग करेंगे कि जब कोई भी इलज़ामों के जवाब देने नहीं आ रहा है तो मुक़दमा हमारे हक़ में करार दिया जाए और हमारे मुवक्किलों को मुआवज़ा भी दिया जाए.”

पैन एम हादसे का हवाला

Image caption अदालत ने आईएसआई प्रमुक शुजा पाशा को भी समन जारी किया है.

क्राईंडलर ने यह भी कहा कि चूंकि अमरीका और पाकिस्तान की सरकारें चरमपंथ के ख़िलाफ़ मिलकर लड़ाई में शामिल हैं इसलिए अमरीकी सरकार भी पाकिस्तानी सरकार से मुआवज़ा दिलवाने में मदद कर सकती है.

उन्होंने इस मामले में लिबिया का भी हवाला दिया जिसमें पैन एम हादसे में अमरीकी सरकार ने लिबिया सरकार से अमरीकी मृतकों के परिवारजनों को मुआवज़ा दिलवाने के लिए ज़ोर डाला था.

वर्ष 2008 में भारत के मुंबई शहर में 10 हमलावरों ने शहर के कई भीड़भाड़ वाले इलाकों पर गोलियों और बमों से हमले करके 166 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. इसके अलावा बहुत से लोग ज़ख्मी भी हुए थे.

इन हमलों में कुल 7 अमरीकी भी मारे गए थे और एक घायल हुआ था. इन 8 लोगों के परिजनों ने ही अब मुक़दमा दायर कर मुआवज़ा मांगा है.

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