इसराइल से लौटा तुर्की का जहाज़

Image caption मारे गए लोगों की तस्वीरों के साथ इस्तांबूल में जमा हुए लोग

तुर्की का जहाज़ मावी मारमारा इसराइल से इस्तांबूल लौट आया है जहाँ बीस हज़ार से अधिक लोगों ने उसका स्वागत किया है.

यह वही जहाज़ है जिस पर सवार राहतकर्मियों पर इसराइली कमांडो ने हमला कर दिया था जिसमें नौ तुर्क नागरिकों की मौत हो गई थी, इस जहाज़ पर फ़लस्तीनी लोगों में बाँटी जाने वाली राहत सामग्री लदी थी.

इस घटना के बाद से तुर्की और इसराइल के संबंध काफ़ी बिगड़ गए और इसने एक कूटनीतिक संकट का रूप ले लिया था.

अब तुर्की के विदेश मंत्री अहमद दौवतगुलू ने कहा है कि उनकी सरकार इसराइल के साथ रिश्तों में सुधार चाहती है.

इस्तांबूल पोर्ट पर जहाज़ का स्वागत करने वाले लोगों ने हाथों में गुब्बारे और झंडे थे, तेज़ संगीत बज रहा था और आतिशबाज़ी का धुआँ आसमान में उड़ रहा था, जीत के जश्न जैसा माहौल था. मगर असल में माहौल और संदेश काफ़ी गंभीर था, कई बड़े राजनीतिक नेता मौक़े पर मौजूद थे जिन्होंने वहाँ मौजूद लोगों को नौ निहत्थे तुर्क नागरिकों की कुरबानी याद दिलाई जो फ़लस्तीनियों की मदद करने गए थे और इसराइली कमांडो के हाथों मारे गए.

इसके अलावा फ़लस्तीनी लोगों की पीड़ा की बातें हुईं और वहाँ मौजूद लोगों ने उनके साथ अपनी एकजुटता प्रकट की.

हालाँकि ज़्यादातर लोगों के हाथों में जो तख़्तियाँ थीं उन पर लिखा कि फ़लस्तीन संकट का हल शांतिपूर्ण तरीक़े से निकाल जाए लेकिन कुछ ऐसे पोस्टर भी थे जिनमें इसराइल की निंदा की गई थी.

वहाँ मौजूद कई लोगों ने कहा कि वे इसराइली कमांडो की कार्रवाई में मारे गए लोगों को आसानी से नहीं भुला सकते और इसराइल को इसके लिए इतनी आसानी से माफ़ नहीं कर सकते.

इसराइल और तुर्की के बीच कई बड़े व्यापारिक समझौते हुए हैं और दोनों देशों की कंपनियाँ एक-दूसरे के यहाँ काफ़ी बड़े कारोबार करती हैं, जहाज़ पर इसराइली कमांडो के हमले के बाद से संबंधों में कड़वाहट बनी हुई जिसे कम करने की कोशिशें अब दिखने लगी हैं.