खोदोरकोवस्की गबन के दोषी

खोदोरकोवस्की
Image caption खोदोरकोवस्की इस समय जेल में हैं

रूस की तेल कंपनी युकोस के पूर्व प्रमुख मिखाइल खोदोरकोवस्की को अदालत ने गबन का दोषी पाया है.

एक समय रूस के सबसे धनी व्यक्ति माने जाने वाले खोदोरकोवस्की के ख़िलाफ़ ये दूसरा मामला है. इससे पहले वर्ष 2005 में उन्हें कर चोरी मामले में आठ साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी.

उस समय से वे जेल में ही है. दूसरे मुक़दमे में उन पर गबन का आरोप लगा था और सोमवार को रूसी की एक अदालत ने उन्हें गबन का दोषी पाया है.

हालाँकि खोदोरकोवस्की के समर्थक ये पूरा मामला राजनीति से प्रेरित बताते हैं. 47 वर्षीय खोदोरकोवस्की अगले साल जेल से रिहा होने वाले थे.

लेकिन नए मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें वर्ष 2017 तक जेल में रहना पड़ सकता है.

ताज़ा मामले में खोदोरकोवस्की और उनके पार्टनर प्लैटॉन लेबेदेव पर ये आरोप है कि उन्होंने युकोस तेल कंपनी से करोड़ों टन तेल की चोरी की और इसे ग़ैर क़ानूनी रूप से बेचा. ये घटना वर्ष 1998 से 2003 के बीच की है.

आरोप

लेकिन खोदोरकोवस्की और लेबेदेव इन आरोपों को बकवास बताते हैं.

खोदोरकोवस्की ने कहा है कि सरकार ने तेल की अपनी सर्वश्रेष्ठ कंपनी को बर्बाद कर दिया है और उसे नौकरशाही पर ही भरोसा है.

आलोचकों को लगता है कि रूस सरकार चाहती है कि खोदोरकोवस्की जब तक संभव हो, जेल में ही रहें, क्योंकि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन को चुनौती देते हुए विपक्ष की वित्तीय मदद की थी.

इस समय पुतिन रूस के प्रधानमंत्री हैं. पिछले सप्ताह टेलीविज़न पर एक सवाल-जवाब के कार्यक्रम में उन्होंने ये कहते हुए खोदोरकोवस्की का हवाला देते हुए कहा था कि 'एक चोर की जगह' जेल है.

खोदोरकोवस्की के वकीलों का कहना है कि पुतिन की टिप्पणी से वो सब संदेह दूर हो गया है कि कौन अदालत पर दबाव डाल रहा है.

वकील ने ये भी कहा कि अगर खोदोरकोवस्की को दोषी ठहराया जाता है, तो पुतिन की टिप्पणी से उन्हें उस फ़ैसले को चुनौती देने में मदद मिलेगी.

शनिवार को जर्मनी ने कहा था कि वो इस मुक़दमे पर नज़र रखे हुए हैं.

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