पाक आईएसआई का बचाव करेगा

ताजमहल होटल, मुंबई

पाकिस्तान ने कहा है कि वह अमरीका की अदालत में ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के ख़िलाफ़ दायर मुक़दमे में पूरी ज़ोर के साथ बचाव करेगा और इसे ख़ारिज करवाने की अपील करेगा.

पाकिस्तान के विदेश विभाग ने एक बयान जारी करके कहा है, "पाकिस्तान ने यह पुख़्ता निर्णय लिया है कि वह आईएसआई, इसके वर्तमान और पूर्व महानिदेशकों के ख़िलाफ़ मुक़दमें में पूरी ताक़त से लड़ेगी."

यह मुक़दमा मुंबई में वर्ष 2008 में हुए हमलों से संबंधित है.

इस हमले में मारे गए दो अमरीकियों के परिवार वालों ने यह मुक़दमा किया है. इसके बाद अदालत ने पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के वर्तमान मुखिया अहमद शुजा पाशा और आईएसआई के पू्र्व प्रमुख नदीम ताज सहित कई लोगों को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं.

जिन और लोगों के नाम समन जारी किया गया है उनमें पाकिस्तानी सेना के मेजर अली और मेजर इक़बाल, लश्करे तैबा के ज़कीउर्रहमान लखवी और हाफ़िज़ सईद शामिल हैं.

मुंबई में हुए इन हमलों में कम से कम 166 लोग मारे गए थे जिनमें से कई विदेशी नागरिक भी थे.

अमरीका में गिरफ़्तार किए गए डेविड हेडली स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने पाकिस्तानी चरमपंथी संगठनों के साथ मिलकर मुंबई हमलों की तैयारी की थी. हेडली की इस स्वीकारोक्ति के बाद ही यह आईएसआई और लश्करे तैबा के ख़िलाफ़ यह मुक़दमा दर्ज हुआ है.

बचाव

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, "पाकिस्तान सरकार और वॉशिंगटन में पाकिस्तानी दूतावास आईएसआई और उसके महानिदेशकों की ओर से अदालत में दायर मुक़दमे में पूरी और ठीक तरह से बचाव करेंगे."

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सैयद यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पिछले हफ़्ते संसद में कहा था कि सरकार इस मामले को ख़ारिज करने के लिए समुचित क़दम उठाएगी.

उन्होंने कहा था, "हम यह नहीं मानते कि पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई और उसके वर्तमान और पूर्व अधिकारियों के ख़िलाफ़ अमरीका की अदालतों में मुक़दमा चलाया जा सकता है. हम इस मामले को ख़ारिज करने के लिए समुचित क़दम उठाएंगे."

भारत हमले के बाद से ही इसमें पाकिस्तान का हाथ होने के आरोप लगाता रहा है. पहले तो पाकिस्तान ने इससे साफ़ इनकार कर दिया लेकिन बाद में कहा गया कि इसमें 'नॉन स्टेट एक्टर्स' यानी उन लोगों का हाथ है जो सरकार का हिस्सा नहीं है.

इस हमले के लिए भारत लश्करे तैबा और जमात-उद-दावा जैसे संगठनों को दोषी ठहराता है, जिसे पाकिस्तान ने प्रकारांतर से स्वीकार भी कर लिया है.

मुक़दमा

Image caption अदालत ने आईएसआई प्रमुख शुजा पाशा को भी समन जारी किया है

ब्रुकलिन की दीवानी अदालत में यह मुक़दमा मुंबई हमलों में मारे गए गैब्रियल हॉल्ट्ज़बर्ग और उनकी पत्नी रिबेका के परिजनों ने दायर किया है.

गैब्रियल और उनकी पत्नी रिबेका मुंबई के एक यहूदी केंद्र पर हुए हमले में मारे गए थे. उनकी हत्या उनके दो वर्षीय पुत्र के सामने की गई थी. उनके पुत्र मोशे को उसके घर काम करने वाली सैंड्रा ने बचाया था.

अदालत में दाख़िल किए गए दस्तावेज़ों में कहा गया है कि आईएसआई लंबे समय से लश्करे तैबा जैसी अंतरराष्ट्रीय चरमपंथी संगठनों को पालती रही है और उन्हें अपने मक़सद के लिए प्रयोग भी करती रही है.

हॉल्ट्ज़बर्ग परिवार के वकील कहते हैं हमलों में मारे गए लोगों के परिवारजनों को उचित मुआवज़ा मिलना चाहिए.

वर्ष 2008 में भारत के मुंबई शहर में 10 हमलावरों ने शहर के कई भीड़भाड़ वाले इलाकों पर गोलियों और बमों से हमले करके 166 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. इसके अलावा बहुत से लोग ज़ख्मी भी हुए थे.

इन हमलों में कुल सात अमरीकी भी मारे गए थे और एक घायल हुआ था. इन आठ लोगों के परिजनों ने ही अब मुक़दमा दायर कर मुआवज़ा मांगा है.

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