खोदोरकोवस्की की सज़ा की आलोचना

खोदोरकोवस्की
Image caption खोदोरकोवस्की पहले से ही जेल में हैं

पिछले दिनों गबन के मामले में दोषी ठहराए गए रूस के चर्चित तेल व्यवसायी रहे मिखाइल खोदोरकोवस्की की सज़ा छह साल और बढ़ा दी गई है.

खोदोरकोवस्की फ़िलहाल जेल में ही हैं. उनकी मौजूदा सज़ा अगले साल ख़त्म हो रही है और गबन के मामले में छह साल क़ैद का मतलब ये है कि उन्हें अब 2017 तक जेल में रहना पड़ेगा.

रूस की एक अदालत ने खोदोरकोवस्की की सज़ा का ऐलान करते हुए कहा- उन्हें समाज से अलग रखकर ही सुधारा जा सकता है.

अमरीका और जर्मनी ने इस सज़ा की आलोचना की है लेकिन रूस पहले ही इन देशों की आलोचना को ख़ारिज कर चुका है.

खोदोरकोवस्की को सज़ा सुनाए जाने के बाद अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा कि अमरीका क़ानूनी व्यवस्था के ग़लत इस्तेमाल को लेकर चिंतित है.

जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा है कि वे खोदोरकोवस्की की सज़ा से निराश हैं.

आलोचना

एक बयान में उन्होंने कहा, "ये धारणा क़ायम है कि इस मुक़दमे में राजनीतिक मंशा की अहम भूमिका रही है. ये रूस की उस भावना के ख़िलाफ़ है, जिसमें वो ये घोषणा करता है कि देश उस रास्ते को अपना रहा है, जिसका आधार क़ानून का शासन है."

एक समय पूर्व राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के लिए ख़तरा माने जाने वाले मिखाइल खोदोरकोवस्की को उनके पार्टनर प्लेटॉन लेबेदेव के साथ तेल कंपनी युकोस का अरबों डॉलर चुराने का दोषी ठहराया गया था. पुतिन इस समय रूस के प्रधानमंत्री हैं.

माना जा रहा है कि खोदोरकोवस्की के वकील इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे. अगर खोदोरकोवस्की वर्ष 2017 तक जेल में रहें तो इसका मतलब ये है कि वे अगले राष्ट्रपति चुनाव तक जेल में ही रहेंगे.

कुछ जानकारों का मानना है कि वर्ष 2012 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान वे राजनीतिक चुनौती साबित हो सकते थे.

खोदोरकोवस्की और उनके पार्टनर लेबेदेव को पहली बार वर्ष 2003 में गिरफ़्तार किया गया था. वर्ष 2005 में उन्हें धोखाधड़ी और कर चोरी के मामले में सज़ा दी गई.

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