कितना विभाजित है सूडान

अफ़्रीका का सबसे बड़ा देश सूडान विभाजन की कगार पर है. रविवार को देश के दक्षिणी हिस्से के लोग इस मामले पर वोट कर रहे हैं कि उन्हें उत्तरी हिस्से का साथ रहना है या नहीं. माना जा रहा है कि दक्षिणी सूडान आज़ादी के हक़ में वोट करेगा.

ये नक़्शा साबित करता है कि सूडान पहले से ही कितना विभाजित है. धनी, अरबी बोलने वाले और मुस्लिम उत्तर का हिस्सा हैं, जबकि दक्षिणी हिस्सा वर्षों के संघर्ष और अनदेखी के कारण बदहाल रहा है.

सूडानः एक विभाजित देश

जैसाकि नासा के इस उपग्रह से लिए गए चित्र में नज़र आ रहा है, सूडान की विभाजन रेखा अंतरिक्ष से भी देखी जा सकती है. उत्तरी राज्य मरुस्थल हैं जहाँ नील का उपजाऊ इलाक़ा भी नज़र आ रहा है. दक्षिणी सूडान घास, दलदल और वनों से ढंका हुआ है.

सूडान के शुष्क उत्तरी क्षेत्रों में मुख्य रूप से अरबी भाषी मुसलमान बसते हैं. लेकिन दक्षिणी सूडान में किसी एक संस्कृति का बाहुल्य नहीं है. 200 से अधिक जातीय गुटों में दिनका और नुएर सबसे बड़े गुट हैं और हरेक की अपनी पारंपरिक मान्यताएँ और भाषा है.

सूडान में स्वास्थ्य संबंधी असमानताएँ शिशु मृत्युदर से पता चलती हैं. दक्षिणी सूडान में दस में से एक बच्चा अपनी पहली वर्षगांठ से पहले मर जाता है. जबकि गेज़ीरा और व्हाइट नील जैसे अधिक विकसित उत्तरी राज्यों में इनमें से आधे बच्चों के जीवित रहने की अपेक्षा की जाती है.

उत्तर और दक्षिण के बीच जल संसाधन की कमी साफ़ नज़र आती है. ख़ारतूम, नील नदी और गेज़ीरा राज्यों में दो तिहाई आबादी को पाइप से आ रहे पेयजल और ढके हुए शौचालय उपलब्ध हैं. दक्षिण में बोरवेल और खुले कुएँ से पीने का पानी लिया जाता है. दक्षिण में 80% लोगों को शौचालय की सुविधा नहीं है.

सूडान भर में प्राथमिक शिक्षा हासिल करना घर की आय से जुड़ा हुआ है. दक्षिण के सबसे ग़रीब इलाक़ों में एक प्रतिशत से भी कम बच्चे प्राथमिक शिक्षा पूरी कर पाते हैं जबकि अधिक संपन्न उत्तर में 50% तक बच्चे प्राथमिक स्तर की पढ़ाई पूरी कर लेते हैं

सूडान में खाद्य के अभाव के मुख्य कारण हैं संघर्ष और ग़रीबी. युद्धग्रस्त दारफ़ुर और दक्षिणी सूडान के निवासी अब भी काफ़ी हद तक खाद्य सहायता पर निर्भर हैं. उधर उत्तरी राज्यों में अधिक संपन्नता है और अधिक शहरीकरण होने की वजह से खेती पर निर्भरता भी कम है.

सूडान प्रति वर्ष अरबों डॉलर के तेल का निर्यात करता है. दक्षिणी राज्य इसमें से 80% का उत्पादन करते हैं लेकिन उन्हें केवल 50% राजस्व ही मिलता है. इसकी वजह से उत्तर से तनाव में वृद्धि होती है. अबयेई का तेल से समृद्ध सीमा क्षेत्र इस बात पर अलग से मतदान कराने वाला है कि क्या उत्तर और दक्षिण को जोड़ दिया जाए.

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