पाक ईशनिंदा क़ानून समाप्त करे: पोप

पोप की पाकिस्तान के नेताओं से ईशनिंदा क़ानून रद्द करने की अपीस

कैथलिक धर्म गुरु पोप बेनेडिक्ट सोलहवें ने पाकिस्तान की सरकार से ईशनिंदा क़ानून रद्द करने की अपील की है.

पोप ने वैटिकन में राजनयिकों के नाम दिए अपने सालाना भाषण में धार्मिक स्वतंत्रता पर बल दिया.

उन्होंने कई देशों पर उंगली उठाई जहां उनके अनुसार ईसाइयों समेत अन्य अल्पसंख्यकों के अधिकारों का आदर नहीं हो रहा.

पोप बेनेडिक्ट ने विशेष रूप से पाकिस्तान के नेताओं से आग्रह किया कि वो ईशनिंदा क़ानून को समाप्त करें ‘जिसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ अन्यायपूर्ण और हिंसात्मक कृत्यों के लिए प्रयोग किया जाता है.’

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर की दुखद हत्या इस बात का प्रमाण है कि सरकार को इस दिशा में क़दम उठाने की ज़रूरत है.”

ईशनिंदा क़ानून को समाप्त करें जिसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ अन्यायपूर्ण और हिंसात्मक कृत्यों के लिए प्रयोग किया जाता है.

पोप बेनेडिक्ट सोलहवें

पोप का कहना था, “ईश्वर की अराधना भाईचारे और प्रेम को बढ़ावा देती है न कि घृणा और विभाजन को.”

पोप ने मध्यपूर्व के मुस्लिम बहुल राष्ट्रों की सरकारों से भी अपील की कि वो ईसाई अल्पसंख्यकों की रक्षा करें.

नव वर्ष की पूर्व संध्या पर मिस्र के एक कॉप्टिक गिरजे पर हुए आत्मघाती बम हमले में कम से कम 21 लोग मारे गए थे और 70 घायल हुए थे.

नवंबर के महीने में इस्लामिक चरमपंथियों ने इराक़ के एक कैथलिक गिरजाघर पर हमला किया था जिसमें 40 से अधिक लोग मारे गए थे.

इसके बाद इराक़ के ईसाई इलाक़ों पर सिलसिलेवार हमले हुए थे.

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