समर्थन वापसी से लेबनान सरकार गिरी

Image caption प्रधानमंत्री साद हरीरी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार ने बहुमत खो दिया है

हिज़बुल्लाह और उसके सहयोगी दलों के 11 मंत्रियों और एक अन्य मंत्री के इस्तीफ़ा देने के कारण लेबनान की सरकार गिर गई है.

ये राजनीतिक संकट लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की एक बम विस्फोट में मौत की अंतरराष्ट्रीय जाँच पर मतभेद के कारण उत्पन्न हुआ.

इधर रफ़ीक़ हरीरी के बेटे और मौजूदा प्रधानमंत्री साद हरीरी अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से व्हाइच हाउस में मुलाक़ात कर रहे हैं.

पिछले कुछ सप्ताह से इस मुद्दे को लेकर लेबनान में राजनीतिक तनाव व्याप्त था.

ऐसी अटकलें लगाईं जा रही थीं कि संयुक्त राष्ट्र ट्राइब्यूनल 2005 में रफ़ीक हरीरी की हत्या के मामले में हिज़बुल्लाह को ज़िम्मेदार ठहरा सकता है.

लेबनान के विपक्षी दलों ने हरीरी की मौत में सीरिया का हाथ होने का आरोप लगाया था जबकि सीरिया ने इस विस्फोट में किसी भी तरह का हाथ होने से इनकार किया था.

दरअसल मौजूदा प्रधानमंत्री साद हरीरी के नेतृत्व वाला गठबंधन वर्ष 2005 में सत्ता में आया था.

उसी वर्ष साद हरीरी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी की बेरूत में एक कार बम धमाके में मौत हो गई थी.

इस कार बम धमाके के बाद सीरिया को क़रीब 29 वर्ष बाद लेबनान से हटना पड़ा था क्योंकि उस पर कार बम धमाके में शामिल होने के आरोप लगे थे. हालाँकि सीरिया इसका खंडन करता आया है.

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