ब्राज़ील में 500 से ज़्यादा लोगों की मौत

टेरेसोपोलिस

दक्षिण-पूर्वी ब्राज़ील में आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या 500 से भी ज़्यादा हो गई है. इसे देश के इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा माना जा रहा है.

भारी बारिश के कारण कई शहरों में ज़मीन धँसने और कींचड़ भरने के कारण हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं. पुलिस को मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका है.

दूर-दराज़ इलाक़ों में बचाव कार्य चल रहा है. लेकिन लोगों को जीवित बचाने में सफलता नहीं मिल रही. राहतकर्मियों के साथ अपने परिजनों को ढूँढ़ने में लगे लोगों को ज़्यादातर समय निराशा ही हाथ लग रही है.

वर्ष 1967 में साओ पावलो प्रांत के कारागुआटाटूबा में ज़मीन धँसने और कींचड़ भरने के कारण 430 लोग मारे गए थे. लेकिन ताज़ा घटना में मरने वालों की संख्या इसे पार कर चुकी है.

राहत कार्य

राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ़ ने प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया और लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित की.

रियो डी जेनेरो के उत्तर में स्थित पहाड़ी सेराना क्षेत्र में 800 से ज़्यादा राहतकर्मी जुटे हुए हैं, लेकिन रातभर के लिए इसे रोक दिया गया है.

एक समय देश के अन्य हिस्सों से कट गया टेरेसोपोलिस में राहतकर्मियों के साथ लोग अपने परिजनों को तलाश कर रहे हैं. कैंपो ग्रैंड इलाक़े में कई लोगों को अपने परिजनों के शव कींचड़ से निकालते देखा गया.

यहाँ के एक निवासी कार्लोस यूरिको ने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "मेरे कई मित्र अब भी लापता हैं. सब कुछ ख़त्म हो गया है. अब हमने अपने आप को ईश्वर के हाथों में छोड़ दिया है."

कोशिश

ब्राज़ीलियाई सेना ने टेरेसोपोलिस में एक फ़ील्ड अस्पताल बनाया है. लेकिन घायलों की बढ़ती संख्या अस्पताल पर भारी पड़ रही है. सैकड़ों लोग शहर के एक जिम में शरण लिए हुए हैं.

Image caption कई इलाक़े पूरी तरह तबाह हो गए हैं

लेकिन इन सबके बीच एक नाटकीय घटनाक्रम में 53 वर्षीय इलेयर परेरा डी सूज़ा को बचा लिया गया है. उनका घर नष्ट हो गया था और उसके चारों ओर पानी भरा हुआ था, लेकिन एक रस्सी की मदद से उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया.

सुरक्षित निकलने के बाद उन्होंने बताया, "मुझे लगा कि मैं मरने जा रही हूँ. मैंने अपने कुत्ते को भी बचाने की कोशिश की थी लेकिन अगर मैंने ऐसा किया होता तो मैं मर जाती. मेरा कुत्ता कुछ समय तक मेरी आँखों में देखता रहा फिर पानी की तेज़ धार उसे बहा ले गई."

राष्ट्रपति डिलमा रुसेफ़ ने गुरुवार को इस इलाक़े का दौरा किया और सात टन दवाइयाँ भेजने का वादा किया. बुधवार को उन्होंने प्रभावित इलाक़ों के लिए 48 करोड़ डॉलर की राशि की आपात सहायता मंज़ूर की थी.

संबंधित समाचार