सूडान के विभाजन के पक्ष में जनमत

Image caption वोटों की गिनती का काम जारी है और परिणाम अगले महीने आएँगे

अफ्रीक़ा के सबसे बड़े देश सूडान में हुए जनमत संग्रह के बाद हुए आकलनों से लग रहा है कि दक्षिणी सूडान के लोग उत्तर और दक्षिण सूडान के रूप में दो देश बनाए जाने के पक्ष में हैं.

जनमत संग्रह के परिणाम आधिकारिक तौर पर अगले महीने सामने आएँगे लेकिन ऐसा लग रहा है कि दक्षिणी सूडान के लोगों ने बहुत बड़ी संख्या में अलग राष्ट्र के पक्ष में अपना मत दिया है.

दोनों पक्षों के बीच लंबे चले संघर्ष के बाद 2005 में हुए शांति समझौते की शर्तों के तहत वहाँ यह जनमत संग्रह कराया जा रहा है.

नौ जनवरी से जनमत संग्रह शुरू हुआ था जो 15 जनवरी को ख़त्म हुआ है.

जनमत संग्रह के मान्य होने के लिए उसमें कम से कम 60 प्रतिशत लोगों का हिस्सा लेना ज़रूरी था जबकि लोगों ने इससे कहीं अधिक संख्या में अपनी राय ज़ाहिर की है.

दक्षिणी सूडान में अलग राष्ट्र के समर्थन में अधिक उत्साह दिखा है जहाँ 80 प्रतिशत लोगों ने अपना वोट डाला जबकि उत्तरी सूडान में 53 प्रतिशत लोगों ने इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया है.

कितना विभाजित है सूडान

दुनिया के आठ अन्य देशों में जहाँ सूडानी लोगों की बड़ी आबादी है, जनमत संग्रह की व्यवस्था की गई थी जिसमें 91 प्रतिशत मतदाताओं ने हिस्सा लिया.

Image caption विदेश में रहने वाले सूडानियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया

बाढ़ की वजह से ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले सूडानियों को जनमत संग्रह में हिस्सा लेने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया.

दक्षिणी सूडान की प्रस्तावित राजधानी जूबा में 10 स्थानों पर कराए गए नमूना सर्वेक्षण के परिणाम बता रहे हैं कि मतदाताओं में से 96 प्रतिशत ने अलग राष्ट्र की स्थापना का समर्थन किया है.

अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने मोटे तौर पर जनमत संग्रह को स्वतंत्र और निष्पक्ष क़रार दिया है.

उत्तरी सूडान में अधिकतर आबादी अरबी बोलने वाले मुसलमानों की है जबकि दक्षिणी सूडान में ईसाई और जनजातीय धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं.

सूडान के राष्ट्रपति उमर अल बशीर ने कहा है कि जनमत संग्रह का परिणाम चाहे जो भी हो, वे उसे स्वीकार करेंगे.

माफ़ी देने की अपील

दक्षिणी सूडान के नेता सल्वा कीर ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे उत्तरी सूडान के लोगों को दो दशकों तक चले गृह युद्ध के दौरान हुई हिंसा के लिए माफ़ कर दें.

Image caption उत्तरी सूडान में मतदाताओं में बहुत उत्साह नहीं दिखा

जूबा नगर में एक चर्च से दक्षिणी सूडान के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह समय पिछली बातें भुलाकर आगे बढ़ने का है.

सप्ताह भर चले जनमत संग्रह के बाद यह उनकी तरफ़ से आया पहला सार्वजनिक बयान है, माना जा रहा है कि दक्षिणी सूडान के अलग देश बनने के पक्ष में ही परिणाम आने वाला है.

सूडान के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से के लोगों के बीच बीस साल से अधिक समय तक चली लड़ाई में एक अनुमान के मुताबिक़ बीस लाख से अधिक लोग मारे गए थे.

उत्तरी और दक्षिणी सूडान के बीच प्रस्तावित सीमा रेखा पर स्थित तेल के क्षेत्र जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर अभी फ़ैसला होना बाकी़ है.

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