ट्यूनीशिया में स्थिति अब भी ख़राब

सड़कों पर लोग
Image caption ट्यूनीशिया में अभी भी अफ़रा तफरी का माहौल है और पूरे देश में आपातकाल लगाया गया है.

ट्यूनीशिया के बदलते घटनाक्रम के तहत संसद के स्पीकर फौआद मेबाज़ा ने शपथ अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली है लेकिन देश में सड़कों पर खून ख़राबा अब भी जारी है.

पूर्व राष्ट्रपति ज़ैनुल अबेदीन बेन अली सत्ता से हटाए जाने के बाद देश से भाग गए हैं.

मेबाज़ा ने प्रधानमंत्री मोहम्मद गनूशी से सरकार का गठन करने को कहा है. शनिवार को ट्यूनीशिया के शहर मोनास्टिर की एक जेल में दंगा भड़का और आग लगी जिसमें चालीस लोगों की मौत हो गई है.

उधर राजधानी ट्यूनिस में भी स्थिति अत्यंत ख़राब बताई जाती है.

विपक्ष के एक नेता का कहना है कि सरकार गठन के लिए बातचीत शुरु हो गई है और ये रविवार को भी जारी रहेगी. ट्यूनिशिया इस्लामी पार्टी के निर्वासित नेता राशिद गनूशी ने कहा है कि वो कुछ हफ्तों में देश वापस लौटेंगे और किसी भी गठबंधन में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं.

पूरे देश में आपातकाल लागू है और रात का कर्फ्यू लगाया गया है. राजधानी ट्यूनिस की कई इमारतें, रेलवे स्टेशन जला दिए गए हैं और सड़कों पर बख्तरबंद गाड़ियों में सेना तैनात है.

शुक्रवार से ही देश में आपातकाल लागू है लेकिन लोग दुकानों से सामान उठा रहे हैं और पूरे देश में संपत्ति को क्षति पहुंचा रहे हैं.

पूर्व राष्ट्रपति से जुड़े हुए लोगों और उनके व्यवसायों को विशेष रुप से निशाना बनाया जा रहा है.

ट्यूनिस का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शुक्रवार को बंद कर दिया गया था लेकिन शनिवार को इसे खोला गया. कई विदेशी और टूरिस्ट हवाई अड्डे पर ही फंसे हुए थे जो अब धीरे धीरे अपने देशों को लौट रहे हैं.

ट्यूनिस में मौजूद बीबीसी संवाददाता एडम मायनॉट का कहना है कि चारों तरफ लूटखसोट का माहौल है और देश की पूरी व्यवस्था सेना के हाथ में हैं. पुलिस का कहीं नामोनिशान तक नहीं है.

अफ्रीकी देश ट्यूनीशिया में हो रही घटनाएं अरब देशों की मीडिया और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर छाई हुई हैं. काहिरा में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि क्षेत्र के नेता बड़ी बड़ी बातें कर रहे हैं लेकिन कार्रवाई कोई नहीं कर रहा है.

संवाददाता का कहना है कि सड़कों पर और इंटरनेट पर लोग ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति को हटाए जाने पर खुशियां प्रकट कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि क्षेत्र के और तानाशाह नेता भी पदच्युत होंगे. हालांकि अभी तक सिर्फ़ जॉर्डन की राजधानी अम्मान में एक प्रदर्शन हुआ है.

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