अमरीकी माफ़िया पर कसा शिकंजा

अमरीका में संगठित अपराध के खिलाफ़ एक मुहिम में पुलिस ने 127 लोगों को गिरफ़्तार किया है जो अमरीकी इतिहास में एक दिन में संगठित अपराध के खिलाफ़ रिकॉर्ड गिरफ़्तारी है.

न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और रोड आइलैंड में एक साथ आठ सौ पुलिस और एफ़बीआई के अफ़सरों ने दर्जनों घरों और आपराधिक ठिकानों पर छापे मारें हैं और 127 लोगों को गिरफ़्तार किया. ऐसा नज़ारा हॉलीवुड की फिल्मों में भी देखने को नहीं मिलता.

गुरूवार की सुबह अंडरवर्ल्ड वालों के लिए एक काला दिन साबित हुआ. अमरीका के अटॉर्नी जनरल एरिक होल्डर कहते हैं," इन गिरफ़्तारियों को देखते हुए और इतनी बड़ी कार्रवाई के हिसाब से यह अमरीकी इतिहास में संगठित अपराध के खिलाफ़ सबसे बड़े अभियानों में से एक था"

लोगों की आम राय यह थी की न्यूयॉर्क में अंडरवर्ल्ड का अब सफाया हो चुका है और माफ़िया की कहानियां अब केवल हॉलीवुड तक ही सीमित हैं.

लेकिन संगठित अपराध का धंधा करने वाले फिर से इस दुनिया में लौट जाते हैं.

हॉलीवुड से अलग दुनिया

लेकिन इनकी दुनिया हॉलीवुड की चमक दमक वाली दुनिया से बहुत अलग है जैसा की न्यूयॉर्क पुलिस के एक सीनियर अधिकारी पौल ब्राउन ने कहा.

उनका कहना था," मेरे विचार में इससे एक अच्छी कहानी बनती है. मेरा मतलब है कि इसमें दिलचस्प लोग हैं, वो ख़ुद को मुंह बोला नाम देते हैं. इस में कुछ ऐतिहासिक पहलू भी हैं. लेकिन मेरे ख़्याल में इस कहानी को ग्लैमर के रूप में फिल्मों में पेश किया जाता है ताकि लोग इसे पसंद करें. ''

ब्राउन का कहना था, "अगर आप उनकी सही तस्वीर पेश करेंगे तो पता चलेगा इनमें से कई ऐसे लोग हैं जो ठीक से बोल भी नहीं सकते. वो अधिक पढ़े लिखे भी नहीं होते. वो बुरे लोग हैं. लेकिन अगर उन्हें इसी तरह से फ़िल्मों में दिखाया गया तो फिल्म देखने वालों को मज़ा नहीं आएगा."

गिरफ़्तार हुए लोगों के ख़िलाफ़ हत्या, हफ़्ता वसूली और ज़बरदस्ती डरा धमका कर पैसे ऐंठने के आरोप लगाये गए हैं. उनके खिलाफ इलज़ाम है की छोटे और बड़े व्यापारियों से वो पैसे वसूल करते थे और इसके बदले वो उन्हें सुरक्षा देते थे.

उनकी एक पूरी दुनिया बनी हुई थी जो 10 साल पहले मिटा दी गई थी लेकिन वो अंडरवर्लड को दोबारा बनाने में सफ़ल रहे थे.

अमरीकी अधिकारियों के अनुसार माफिया के लोगों के ख़िलाफ अदालतों में अपराध साबित करने का पुलिस और एफ़बीआई का रिकॉर्ड काफी अच्छा है. कई पुराने डॉन जेलों में अब भी सज़ा काट रहे हैं और उन्हें उम्मीद है इस बार भी वो गिरफ़्तार होने वालों को सज़ा दिलाने में कामयाब होंगे.

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