प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई

अल्जीरिया में प्रदर्शन
Image caption पिछले कई दिनों से अल्जीरिया में खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों और बेरोज़गारी के विरोध में ज़ोरदार प्रदर्शन हो रहे है.

अफ़्रीक़ी देश अल्जीरिया की राजधानी में सैकड़ों विपक्षी प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने तितर बितर कर दिया है. अधिकारियों के मुताबिक़ इन झड़पों में कम से कम 19 लोग घायल हुए हैं. जबकि विपक्ष का दावा है कि घायलों की संख्या कम से कम 40 है.

पुलिस ने कई लोगों को गिरफ़्तार भी किया है.

अल्जियर्स से बीबीसी संवाददाता क्लो आर्नाल्ड के अनुसार अल्जीरिया की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी आरसीडी के ज़रिए आयोजित रैली में प्रदर्शनकारियों की योजना राजधानी के मध्यवर्ती भाग से संसद भवन तक मार्च करने की थी.

लेकिन मार्च जैसे ही शुरू हुआ आरसीडी पार्टी के मुख्यालय के बाहर ही पुलिस ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को तितर बितर कर दिया. ये प्रदर्शनकारी सरकार से और आज़ादी की मांग कर रहे थे.

कुछ प्रदर्शनकारी अपने हाथों में ट्यूनीशिया के झंडे लिए हुए थे जिसके ज़रिए वे पड़ोसी देश ट्यूनीशिया में हुए जनविद्रोह से अपने को संबद्ध करने की कोशिश कर रहे थे.

सरकार ने विपक्षी पार्टी के ज़रिए बुलाई गई इस रैली को प्रतिबंधित कर रखा था. शनिवार की सुबह से ही राजधानी में पुलिस को तैनात कर दिया गया था. राजधानी की कई सड़कें बंद कर दी गई थीं.

आरसीडी पार्टी के नेता सईद सादी बताते हैं, ''हमने क़ानूनी तरीक़े से एक मार्च निकालने की अनुमति मांगी थी, लेकिन हमें बताया गया कि हम विपक्ष में हैं और हमें इस देश में कोई अधिकार नहीं है. यदि हम सरकार में शामिल होते तो हमें इसकी अनुमति मिल गई होती क्योंकि वे राजधानी में मार्च निकालने की अनुमति देते हैं लेकिन तभी जबकि इसके लिए हम उनके पैरों पर गिरें.''

अल्बेनिया

इस बीच यूरोपीय देश अल्बानिया में भी अशांति क़ायम है. वहां सरकारी वकील ने राष्ट्रीय गार्ड के उन तीन सदस्यों के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया है जिनपर ओरोप है कि शुक्रवार को सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान उन्होनें तीन लोगों को मारा था.

पुलिस को अभी ये वारंट तामील कराना है. लेकिन इस बारे में स्पष्टीकरण के लिए कोई भी पुलिस अधिकारी उपलब्ध नहीं था.

अल्बानिया में पिछले एक दशक के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन में हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया.

अल्बानिया की प्रमुख विपक्षी पार्टी ने पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में तीन लोगों की मौत के लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है. ये झड़प एक सरकार विरोधी रैली के दौरान हुई.

राजधानी तिराना में इस प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार को तीन लोगों को गोली मार दी गई. हजारों लोगों ने चुनाव की मांग के साथ राजधानी में प्रदर्शन किया.

प्रधानमंत्री साली बेरिशा ने चुनाव की मांग ख़ारिज कर दी है और कहा है कि विपक्ष देश में ट्यूनीशिया की तरह से विद्रोह भड़का रहा है.

प्रदर्शन के दौरान पुलिस की सैकड़ों गाड़ियों को आग लगा दी गई और पुलिस पर पथराव भी किया गया. पुलिस ने भीड़ को क़ाबू में करने के लिए आंसू गैस, रबर बुलेट और पानी की धार का इस्तेमाल किया.

ग़ौरतलब है कि ट्यूनीशिया में पिछले दिनों सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति ज़ैनुल आबीदीन बिन अली को देश छोड़कर भागना पड़ा था. इस घटना के बाद से ही माना जा रहा था कि ये मध्यपूर्व के शासकों के लिए भी ख़तरे की घंटी है.

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