रोजग़ार की स्थिति चिंताजनक

बेरोज़गार (फ़ाइल)
Image caption आईएलओ के अनुसार रोजग़ार की स्थिति में इस वर्ष भी कोई ख़ास सुधार नहीं आने वाला है.

संयुक्त राष्ट्र की संस्था अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन यानि आईएलओ के अनुसार इस वर्ष विश्व के 6.1 प्रतिशत लोग बेरोज़गार रहने वाले हैं. दुनिया की आर्थिक विकास दर में मज़बूती के संकेतों के बावजूद वर्ष 2011 में बीस करोड़ तीन लाख लोग बिना किसी कामकाज के रहने वाले हैं.

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने चेतावनी दी है कि निकट भविष्य में बेरोज़गारी दर की आर्थिक मंदी से पहले के स्तर पर आने की उम्मीद बहुत कम है.

आईएलओ ने कहा कि रोज़गार की कमी से सबसे अधिक युवावर्ग प्रभावित होगा. संस्था के अनुसार दुनिया को युवा बेरोज़गारी से निपटने को तरजीह देनी चाहिए.

अस्थाई नौकरियां

आईएलओ ने कहा, "कई देशों में आर्थिक विकास दर में तेज़ सुधार के बावजूद विश्व में वर्ष 2010 में 20 करोड़ पांच लाख लोग बरोज़गार रहे. ये आंकड़ा 2009 में भी लगभग इतना ही था. वर्ष 2011 में ये आंकड़ा विश्व की कुल आबादी का 6.1 प्रतिशत यानि 20 करोड़ तीन लाख रहने वाला है."

आईएलओ के अनुसार ब्राज़ील, कज़ाकिस्तान और थाईलैंड जैसे विकासशील देशों में बेरोज़गारी आर्थिक मंदी शुरू होने से पहले के स्तर पर पहुंच गई है.

इसके अलावा क़रीब डेढ़ करोड़ अब भी अस्थाई नौकरी जैसे 'कमज़ोर रोज़गार' में लगे हैं.

युवाओं के रोज़गार के आंकड़े भी काफ़ी निराशाजनक हैं. वर्ष 2010 में सात करोड़ आठ लाख युवा बिना रोज़गार के रहे.

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