सोमाली डाकुओं का बढ़ता ख़तरा

सोमालिया के समुदी लुटेरे
Image caption सोमालिया के समुद्री डाकु ज़्यादा सक्रिय हो गए हैं

संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन का कहना है कि सोमालिया के समुद्री डाकुओं के ख़िलाफ़ ज़्यादा सुरक्षा क़दम उठाने की ज़रुरत है.

इनका अनुमान है कि समुद्री डाकुओं की वजह से दुनिया को हर साल सात अरब डॉलर का घाटा उठाना पड़ता है.

फ्रांस के एक पूर्व मंत्री जैक लैंग ने ये अध्ययन किया है और इसपर संयुक्त राष्ट्र में मंगलवार को बहस होगी.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि सोमाली समुद्री डाकुओं ने इस समय 600 से ज़्यादा लोगों को पकड़ रखा है और 26 जहाज़ उनके कब्ज़े में है.

जैक लैंग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सोमाली लुटेरों ने हमले बढ़ा दिए है और अब वो भारतीय महासागर में ज़्यादा सक्रिय हो रहे हैं.

हाई टेक लुटेरे

उनका कहना है कि इन लुटेरों के पास अब हाई टेक सामान की कमी नहीं है. उनके पास नक़ली नोटों की जांच की मशीनें भी है ताकि वो फिरौती की रक़म की जांच कर सकें.

जैक लैंग का सुझाव है कि सोमाली न्याय व्यवस्था के तहत अदालत का गठन किया जाना चाहिए जो कि विदेश में स्थित हो.

साथ ही हिंद महासागर में सोमाली समुद्री लुटेरों के तटीय ठिकानों के पास नौसेना की गश्त तेज़ की जानी चाहिए.

उनका ये भी सुझाव है कि सोमालिया के युवाओं को आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वो इन लुटेरों के साथ न जाएं.

वर्ष 2008 से अब तक सोमाली लुटेरों ने क़रीब दो हज़ार लोगों को अगुवा किया है और उनको 95 लाख डॉलर फिरौती के रुप में दिए गए हैं.

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